मानव–वन्यजीव संघर्ष पर जागरूकता अभियान: लोकनृत्य, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर, ग्रामीणों ने जंगल और वन्यप्राणियों की रक्षा का लिया संकल्प
त्वरित खबरें - रुची सिंह रिपोर्टिंग

 बालोद- वनमंडल बालोद के वांग्राम बड़भूम परिक्षेत्र गुरूर में आज वन विभाग एवं एनजीओ अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जंगल एवं वन्यप्राणियों की रक्षा करने एवं मानव–वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा ग्रामीणों में सतत जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से विशेष जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया।बता दें कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य मानव जीवन की रक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित करना रहा। ग्रामीणों को वन्यजीवों से संभावित खतरों, सुरक्षा उपायों, संघर्ष की स्थिति में अपनाए जाने वाले व्यवहारिक कदमों तथा शासन की मुआवजा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।अभियान को प्रभावी और जनसुलभ बनाने के लिए विद्यार्थियों द्वारा कला चित्रों, पोस्टर, रंगोली व पेंटिंग के माध्यम से संदेश प्रसारित किया गया, वहीं लोकनृत्य प्रस्तुतियों के जरिए सरल भाषा में जागरूकता का संदेश दिया गया। इन नवाचारों के चलते ग्रामीणों की सहभागिता उल्लेखनीय रही और कार्यक्रम जनआंदोलन का रूप लेता नजर आया। अभियान में ‘अर्थ रिट्रीट’ (Earth Retreat) एनजीओ की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने जनसंपर्क, प्रशिक्षण और जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।पर्यावरण संरक्षण के संदेश को सशक्त करने हेतु विभिन्न ऐसी सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा देते हुए वन-संरक्षण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वनमंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल, विशेष अतिथि जनपद अध्यक्ष हीराबाई तथा विशिष्ट अतिथि ‘अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन’ की फाउंडर अनुभा द्विवेदी उपस्थित रहीं।

अपने संबोधन में वनमंडल अधिकारी अभिषेक ने कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा— “हम और वन दोनों एक-दूसरे के मित्र हैं, यह मित्रता हमेशा पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ती रहे, यही हमारी प्राथमिकता है।”

इसके साथ ही उन्होंने जल स्रोतों को सुरक्षित करने, जंगल में सतर्कता बरतने तथा किसी भी वन्यजीव गतिविधि की तुरंत सूचना विभाग को देने की अपील की। संस्थापक अनुभा द्वारा जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, वर्मीकम्पोस्ट एवं स्वरोजगार संबंधित जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में एसडीओ साहू एवं डोंगरे, वन परिक्षेत्र अधिकारी भंडारी, डिप्टी रेंजर सहित विभागीय अमला एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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