शुगर मिल में गन्ना बेचने वाले 1112 किसानों को जून में मिलेगा 6.72 करोड़ रुपए बोनस
जिले के एकमात्र मां दंतेश्वरी मैया सहकारी शक्कर कारखाना करकाभाट में गन्ना बेचने वाले किसानों की सूची तैयार हो चुकी है। सूची में 1 हजार 112 किसान शामिल हैं। जिन्हें 6 करोड़ 72 लाख रुपए बोनस राशि मिलेगी।
इसमें राजीव गांधी न्याय योजना के तहत राज्य सरकार की ओर से 4 करोड़ 30 लाख रुपए व रिकवरी रेट बेहतर होने की वजह से शक्कर कारखाना प्रबंधन की ओर से 2 करोड़ 42 लाख रुपए जारी कर किसानों को भुगतान किया जाएगा।
जिन किसानों को बोनस मिलेगा, उसकी सूची तैयार कर शासन को भेजी जा चुकी है। जून में किसानों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर करने की तैयारी चल रही है। पेराई सत्र 2022-23 में एक हजार 112 किसानों ने 59 हजार 19.644 मीट्रिक टन गन्ना बेचा है।
किसानों के गन्ने की पेराई से कुल 63 हजार 345 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ। ओवरऑल रिकवरी रेट 10.84% रहा। गन्ना बेचने के एवज में किसानों को 16.65 करोड़ रुपए का भुगतान कारखाना प्रबंधन कर चुका है। एफआरपी दर के अतिक्ति 72.85 रुपए प्रति क्विटल की दर से राशि योजना के तहत भुगतान होगा।
इस साल 2100 हेक्टेयर में गन्ना लगाने का लक्ष्य
कृषि विभाग, जिला प्रशासन की ओर से इस साल जिले में 2100 हेक्टेयर रकबे में गन्ना लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बालोद ब्लाक में 350 हेक्टेयर, गुरुर में भी 350 हे., डौंडी में 200 हे., डौंडीलोहारा में 600 हे. और गुंडरदेही में भी 600 हेक्टेयर रकबे में गन्ना लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले साल भी 2100 हे. में ही गन्ना लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन तय समय तक 550 हे. में गन्ना लग पाया था यानी लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पाई। इस बार भी लगभग 500 हे. में गन्ना लग पाया है। कृषि विभाग के अनुसार जिले के किसान दिसंबर से मार्च तक और इसके बाद जून- जुलाई में गन्ने की बोआई करते है। इस लिहाज से लक्ष्य पूरा कराने अभी समय है, इसी पर फोकस किया जा रहा है। रिकवरी रेट के आधार पर इसके पहले किसानों को बोनस बांट चुके हैं। 15 साल में अब तीसरी बार बोनस वितरण करने की तैयारी है।
पिछले सीजन से इस बार 26 हजार 694 क्विंटल शक्कर का ज्यादा उत्पादन
वित्तीय वर्ष 2021-22 में 35 हजार 60 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई थी। जिससे 36 हजार 651 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ था। तब रिकवरी रेट 10.60 प्रतिशत रहा। इस लिहाज से औसत एक क्विंटल गन्ने की पेराई से 10 किलो 600 ग्राम शक्कर उत्पादन हुआ। पिछले साल से इस बार रिकवरी रेट 0.14% और शक्कर उत्पादन 26 हजार 694 क्विंटल ज्यादा हुआ है। हालांकि लक्ष्य की पूर्ति नहीं हो पाई। वहीं वित्तीय वर्ष 2020-21 में 32 हजार 546 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हुई थी। तब 32 हजार 796 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ था। रिकवरी रेट 10.40% था। तब औसत एक क्विंटल गन्ने की पेराई से 10 किलो 400 ग्राम शक्कर उत्पादन हुआ।
82 दिन हुई थी पेराई, एक क्विंटल गन्ने से 10 किलो 840 ग्राम शक्कर उत्पादन हुआ
कारखाने के एमडी राजेंद्र राठिया ने बताया कि पेराई सत्र 2022-23 में एफआरपी बोनस एवं रिकवरी सहित 395.84 रुपए प्रति क्विटल की दर से किसान लाभान्वित हुए हैं। वहीं रिकवरी रेट 10.84% रहा यानी एक क्विंटल गन्ने की पेराई से 10 किलो 840 ग्राम शक्कर उत्पादन हुआ। रिकवरी रेट के आधार पर प्रति क्विंटल की दर से अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। एफआरपी यानी उचित एवं लाभकारी मूल्य है। कारखाना प्रबंधन के अनुसार इस सीजन 82 दिन गन्ने की पेराई हुई। जबकि पिछला सीजन गन्ने की कमी के चलते 69 दिन ही पेराई हो पाई थी। इस बार 13 दिन ज्यादा पेराई हुई। हालांकि दूसरे जिले के कम किसानों ने यहां आकर गन्ना बेचा।

Facebook Conversations