कांवड़ यात्रा के मार्ग पर खाने पीने की दुकानों पर संचालक मालिक का नाम लिखने के योगी सरकार के आदेश पर सियासत तेज हो गई है। जहां विपक्ष इसे सामाजिक सौहर्द बिगाड़ने वाला फरमान बता रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष इसे आस्था की शुचिता बनाए रखने वाला कदम
बीते सप्ताह उत्तर प्रदेश सरकार का एक आदेश चर्चा में रहा। पहले यह आदेश केवल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के लिए था, लेकिन बाद में इसे राज्यभर में लागू कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूरे यूपी में कांवड़ मार्गों पर खाने पीने की दुकानों पर संचालक मालिक का नाम और पहचान लिखना होगा। ऐसा ही आदेश उत्तराखंड में हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने भी जारी किया है।
इस पूरे मामले में सियासत भी हो रही है। विपक्ष इसे सामाजिक सौहर्द बिगाड़ने वाला फरमान बता रहा है। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार फैसले को कांवड यात्रियों की आस्था की शुचिता बनाए रखने वाला कदम बता रही है। इसी मुद्दे पर इस हफ्ते ‘खबरों के खिलाड़ी’ में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार समीर चौगांवकर, विनोद अग्निहोत्री, अवधेश कुमार, पूर्णिमा त्रिपाठी, हर्षवर्धन त्रिपाठी और बिलाल सब्जवारी मौजूद रहे।

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