जल संरक्षण की बड़ी पहल: जिले में 34 सामुदायिक डबरियों का होगा निर्माण, 172.13 लाख रुपये स्वीकृत...
त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

जिले में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने के लिए 34 सामुदायिक डबरियों का निर्माण किया जाएगा। वीबी-जी रामजी योजना के तहत इन निर्माण कार्यों के लिए 172.13 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस पहल का उद्देश्य वर्षा जल का संचयन बढ़ाने, जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और कृषि आधारित आजीविका को प्रोत्साहित करना है।

वर्षा जल संचयन से बढ़ेगी पानी की उपलब्धता

ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और अन्य गतिविधियों के लिए पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। विशेषकर वर्षा पर निर्भर रहने वाले किसानों के लिए सामुदायिक डबरियां उपयोगी साबित हो सकती हैं। इनके माध्यम से वर्षा जल को एकत्रित कर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप उपयोग किया जा सकेगा। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ पानी की उपलब्धता के वैकल्पिक साधन विकसित करने में मदद मिलेगी।

कृषि और ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा

सामुदायिक डबरियों में संचित पानी का उपयोग स्थानीय परिस्थितियों और जल उपलब्धता के आधार पर कृषि एवं अन्य अनुमेय गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इससे किसानों को खेती की बेहतर योजना बनाने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने में सहायता मिलेगी। उपयुक्त परिस्थितियों में मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों की संभावनाओं का भी आकलन किया जा सकता है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगा जोर

सामुदायिक डबरियों की उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों और विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन आवश्यक है। निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही निर्मित संरचनाओं के उचित रखरखाव और प्रभावी उपयोग पर भी ध्यान दिया जाएगा।

जनभागीदारी से मिलेगा दीर्घकालीन लाभ

सामुदायिक डबरी निर्माण का उद्देश्य केवल वर्षा जल का संचयन करना नहीं, बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण में ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना भी है। सामूहिक उपयोग और स्थानीय समुदाय के सहयोग से इन संरचनाओं का बेहतर रखरखाव किया जा सकता है। इससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को लंबे समय तक लाभ मिलने की संभावना है।

गुणवत्ता और समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने बताया कि सामुदायिक डबरी निर्माण जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्यों में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का पालन सुनिश्चित करने के साथ नियमित निगरानी तथा तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने निर्मित परिसंपत्तियों के उचित रखरखाव और प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया, ताकि ग्रामीणों को इनका दीर्घकालीन लाभ मिल सके।

34 सामुदायिक डबरियों के निर्माण की यह पहल जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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