जिले में रेत माफिया की दादागिरी पर अंकुश नहीं
त्वरित ख़बरें - शिकायत करने वालों को अफसरों के सामने धमकी भी दे रहे हैं

जिले में रेत माफिया की दादागिरी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। नियम कानून को ताक में रख माफिया रेत तस्करी कर ही रहा है, शिकायत करने वालों को अफसरों के सामने अपने गुर्गों के माध्यम से धमका भी रहा है। मंगलवार शाम खंडी नदी के चबेला घाट से अवैध रेत परिवहन की शिकायत कुछ लोगों ने एसडीएम, तहसीलदार और वनविभाग के अफसरों से की थी। शिकायत मिलने पर एसडीएम ने तहसीलदार को मौके के लिए रवाना किया।

इधर, रेंजर ने अवैध रेत लेकर जा रहे वाहनों को रोकने वनोपज नाका बंद कराया। सूचना मिलते ही रेत माफिया के गुर्गे तहसीलदार के पहुंचने के पहले ही वनोपज नाका पहुंच गए। चौकीदार को नाका खोलने के लिए धमकाया। नहीं खोला तो गुर्गों ने खुद ही नाका खोलकर रेत से लदी हाईवा पार करा दिया। कुछ देर बाद तहसीलदार पहुंचे। जांच के दौरान माफिया के गुर्गों ने तहसीलदार के सामने ही शिकायत करने वालों को धमकी दी।

भानुप्रतापपुर विकासखंड के खंडी नदी पर ग्राम चबेला में रेत खदान से ठेकेदार को मजदूरों के माध्यम से रेत निकलवाना है, लेकिन यहां नियमों की धज्जियां उड़ाते चैन माउंटेन नदी में उतार दिया गया और उसी से रेत निकाली जा रही है। ठेकेदार को 5 हेक्टेयर में रेत खनन करना है लेकिन स्वीकृत क्षेत्र के बाहर से अवैध रूप से रेत खनन कराया जा रहा है। नियमत: 18 टन रेत परिवहन किया जा सकता है, लेकिन ठेकेदार ओवरलोडिंग करते 25 से 30 टन रेत परिवहन करा रहा है। उसकी ओवरलोड हाईवा मंगलवार शाम भी खदान से निकलने वाली थी, जिसकी शिकायत एसडीएम, तहसीलदार और वनविभाग से की गई थी।

वाहनों को रोकने रेंजर ने गोडरीपारा वनोपज जांच नाका बंद करने का निर्देश चौकीदार को दिया। इधर, एसडीएम ने जांच के लिए तहसीलदार को रवाना किया। नाका बंद होने से रेत से लदे तीन हाईवा रुक गए थे। तहसीलदार के पहुंचने से पहले ही मौके पर कार क्रमांक एमपी 17 सीसी 6707 में ठेकेदार के 5 गुर्गे नाका पहुंचे और चौकीदार को नाका खाेलने कहा।

चौकीदार ने नाका खोलने से इंकार किया तो ठेकेदार के गुर्गों ने बलपूर्वक नाका स्वयं खोलते रेत लदे हाईवा काे पार करा दिया।  इसके बाद तहसीलदार जांच के लिए खदान क्षेत्र पहुंचे। यहां जांच के दौरान रेत ठेकेदार के गुर्गों ने शिकायत करने वालों और  कर्मियों को खुलेआम धमकाना शुरू कर दिया। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों में झूमाझटकी भी होने लगी। माहौल बिगड़ता देख तहसीलदार लौट गए।

लिखित शिकायत मिलने के बाद धमकाने वालों को खोज रही पुलिस
मामले में ठेकेदार के गुर्गों द्वारा मीडिया कर्मियों को खुलेआम धमकाने की शिकायत पत्रकार संघ भानुप्रतापपुर ने पुलिस से की है। एसडीओपी प्रशांत पैकरा ने कहा लिखित शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम ने ठेकेदार के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी है। ठेकेदार और उसके सभी साथी फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

गांव में बैठक, दस्तावेज दिखाने के बाद ही रेत खनन करने देंगे
मंगलवार को घटित इस घटना के बाद ग्राम चबेला में बैठक आयोजित की गई, जिसमें ठेकेदार को भी बुलाया गया था। ठेकेदार को स्वीकृत खदान से संबंधित दस्तावेज दिखाने कहा गया, जो वह नहीं दिखा पाया। ग्रामीणों ने तय किया जब तक ठेकेदार खदान से संबंधित सभी दस्तावेज नहीं दिखाता है, तब तक रेत निकालने नहीं दिया जाएगा।

बुधवार को एसडीएम पहुंचे तो ठेकेदार टीम सहित गायब
घटना के दूसरे दिन बुधवार दोपहर जांच करने स्वयं एसडीएम जितेंद्र यादव खंडीघाट पहुंचे तो वहां सन्नाटा पसरा मिला। ठेकेदार और उसके गुर्गे वाहनों सहित फरार हो गए थे। एसडीएम ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम बनाने की बात कही है।

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