इंजिनियरिंग के बाद 10 साल IT में जॉब की, अब नौकरी छोड़ दो दोस्त लगा रहे वेज बिरयानी स्टॉल
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कॉलेज में जब हम एडमिशन लेते हैं तो बैचलर लाइफ शुरू होती है। इसी के साथ खाना बनाने, खिलाने, दोस्तों के साथ पार्टी करने का दौर भी चल पड़ता है। खूब मौज-मस्ती होती है। हम दोस्तों में कई ऐसे दोस्त मिलते हैं, जो खाना बहुत ही लजीज बनाते हैं। हम उनकी तारीफ करते नहीं थकते, लेकिन कभी ऐसा हो कि लजीज खाना बनाने वाला दोस्त उसी फूड से अपना खुद का धंधा शुरू कर दे और अच्छी खासी कमाई करने लगे।

कुछ इसी तरह की कहानी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले रोहित सैनी की है, जो अपने दोस्त विशाल भारद्वाज के साथ हरियाणा के सोनीपत में वेज बिरयानी का ठेला लगा रहे हैं और अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। ये फूड स्टॉल रोहित और विशाल इंजिनियर्स वेज बिरयानी के नाम से चला रहे हैं।Image

तो आज की पॉजिटिव खबर में जानते हैं, इन दोनों दोस्तों ने कैसे इस सफर की शुरूआत की? इनकी कहानी क्या है? और आप भी यदि कुछ ऐसा करना चाहते हैं तो कैसे इसकी शुरूआत कर सकते हैं?

16 साल की उम्र में ही पिता की मौत हो गई

रोहित सैनी को बचपन से ही खाना बनाने का शौक था। जब उन्होंने 2005 में बारहवीं की तो उसी साल उनके पिता की मौत हो गई। परिवार आर्थिक तंगी से जूझने लगा। वैसे तो रोहित होटल मैनेजमेंट करना चाहते थे, लेकिन पैसा नहीं होने की वजह से उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। वहीं, विशाल भारद्वाज मैकेनिकल में BTech किया। नौकरी के दौरान दोनों की एक कंपनी में मुलाकात हुई। 3 साल तक दोनों ने साथ में जॉब किया

टेस्टी खाना बनाते थे रोहित सैनी

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रोहित जब कॉलेज टाइम में थे, उसी समय से टेस्टी खाना बनाते थे। फिर उन्होंने एक यूट्यूब चैनल शुरू किया और उस पर खाने की रेसिपी बनाकर डालने लगे, जिसे अच्छा रिस्पॉन्स मिलने लगा।

रोहित बताते हैं कि जब वो एक MNC कंपनी में जॉब कर रहे थे तो उनकी मुलाकात विशाल से हुई। दोनों अच्छे दोस्त बन गए। कई बार दोनों की नाइट शिफ्ट होती थी तो रोहित विशाल के लिए भी डिनर बनाकर लाते थे, जो उन्हें काफी पसंद आता था। जिसके बाद विशाल ने रोहित को अपना बिजनेस शुरू करने की सलाह दी। जहां से दोनों को कुछ अपना करने का आइडिया आया। रोहित कहते हैं कि प्राइवेट सेक्टर में काम स्टाफ करते हैं, लेकिन ग्रोथ केवल कंपनी की होती है। उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उन्हें अपना कुछ काम करने की इच्छा थी।

इस्तीफा दिया तो घर वालों को भी नहीं बताया

रोहित कहते हैं कि दोस्त विशाल ने कहा कि यदि वे अकेले अपना बिजनेस नहीं शुरू कर पा रहे हैं तो वो भी जॉब छोड़ उनका साथ देंगे। फिर दोनों ने मार्केट को स्टडी करना शुरू किया। रिसर्च की। बिजनेस स्टार्ट करने से 3 महीने पहले से दोनों ने प्लानिंग करनी शुरू की।

सबसे पहले विशाल ने कंपनी से इस्तीफा दिया। फिर रोहित ने नौकरी छोड़ दी। घर वालों को रोहित ने इसके बारे में नहीं बताया। रोहित कहते हैं कि ये बिल्कुल भी आसान नहीं है कि कोई ऑफिस की नौकरी छोड़कर सड़क पर ठेला लगाए।

ऑयल फ्री बिरयानी बनाते है

रोहित बताते हैं कि किसी छोटे कुकर में कम बिरयानी बनाना और ज्यादा मात्रा में बनाना, दोनों में अंतर है। शुरूआत में उन्होंने इलाके के दुकानदारों को इसे टेस्ट करवाया और फीडबैक लिया। फिर धीरे-धीरे उन्होंने बिरयानी की क्वालिटी में सुधार लाने शुरू कर दिए। आज उनकी बिरयानी की रोजाना 25 से 30 किलो का सेल है। महीने की एक लाख के करीब कमाई हो जाती है।

रोहित कहते हैं कि प्राइवेट जॉब से जितना कमा रहे थे, उससे ज्यादा इससे आमदनी हो रही है। खास बात ये है कि यह हमारा अपना बिजनेस है। वे कहते हैं कि इस इलाके में नॉन-वेज बिरयानी तो मिलती है, लेकिन, जो लोग नॉन-वेज नहीं खाते हैं उनको ध्यान में रखते हुए हमने वेज बिरयानी शुरू की। यह बिरयानी ऑयल फ्री होती है। रोहित का कहना है कि वे वेज बिरयानी में हरी सब्जियों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। इससे यह हेल्दी भी होती है और टेस्टी भी।

अब अलग-अलग इलाकों में भी स्टॉल खोलने की प्लानिंग

रोहित बताते हैं कि बिरयानी खाने के लिए दूर-दराज से भी लोग आते हैं। वेज-बिरयानी और वेज ग्रेवी चाप बिरयानी- दो तरह की बिरयानी रोहित बेच रहे हैं। वे कहते हैं कि अब हम अलग-अलग लोकेशन पर स्टॉल खोलने की प्लानिंग कर रहे हैं। कुछ लोगों को काम पर रख रहे हैं।

रोहित कहते हैं कि सरकार भी चाहती है कि युवा आत्मनिर्भर बनें। अपना कारोबार शुरू करें। इसलिए सरकार को भी इस तरफ ध्यान देना चाहिए। जो यंगस्टर अपना बिजनेस शुरू कर रहे हैं उन्हें आसानी से सहायता दी जानी चाहिए।

यदि आप भी ऐसा कुछ करना चाहते हैं तो…

रोहित कहते हैं कि इसके लिए हमें सबसे पहले अपना टारगेट सेट करना चाहिए। प्लानिंग फिक्स करने के बाद मार्केट को स्टडी करें। उसे एनालिसिस करें। फिर उसके बाद लोकेशन के हिसाब से अपना स्टार्टअप शुरू करें। वे कहते हैं कि लोकेशन काफी मायने रखती है। हालांकि, एक बार बिजनेस चल पड़ा तो दूसरे लोकेशन और एरिया में आउटलेट खोलकर अच्छी कमाई की जा सकती है।

देश में लगातार बढ़ता बिरयानी का कारोबार

बिरयानी का जायका देश के अधिकांश राज्यों तक पहुंच चुका है। नॉन-वेज की डिमांड सबसे ज्यादा है। नॉन-वेज के कई टाइप्स भी हैं। वेज में पनीर बिरयानी, कटहल बिरयानी, ग्रेवी चाप बिरयानी हैं।

वेज बिरयानी के टाइप्स

  • मखनी पनीर बिरयानी
  • कटहल बिरयानी
  • वेजिटेबल बिरयानी
  • वेज हैदराबादी बिरयानी
  • काबुली चना कोफ्ता बिरयानी

नॉन-वेज बिरयानी के टाइप्स

  • हैदराबादी बिरयानी
  • कोजिकोडान यानी कालीकट बिरयानी
  • हांडी बिरयानी
  • अवधी मटन बिरयानी
  • एग बिरयानी
  • कीमा बिरयानी
  • चिकन दम बिरयानी
  • मुर्ग कोफ्ते बिरयानी
  • मछली बिरयानी

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