बालोद। दल्ली राजहरा में भारतीय हिंदू नव वर्ष को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया. दो दिवसीय चले इस कार्यक्रम के प्रथम दिवस लौह नगरी दल्ली राजहरा व नगर पंचायत चिखलाकसा में सनातन प्रेमियों द्वारा अपने-अपने घरों के सामने और चौक-चौराहों सहित प्रमुख मंदिर स्थलों पर सवा लाख दीप प्रज्वलित किया गया
वहीं द्वितीय दिवस को में प्रभु श्री राम, हनुमान जी, काली माता, भोले भंडारी और राधा कृष्ण की जीवंत सांस्कृतिक झांकियों की विशाल शोभा यात्रा निकाल श्रीराम मंदिर पहुँच वाराणसी में होने वाली मां गंगा आरती की तर्ज पर 1001 दीपों के साथ भारत माता की सामूहिक आरती की गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और आमजनों ने हिस्सा लिया.

भारतीय नववर्ष और नवरात्रि के प्रथम दिवस मंगलवार को नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए सांस्कृतिक झांकियों की विशाल शोभा यात्रा निकाल हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भव्य भारत माता की सामूहिक आरती के साथ ही बहुत ही सुंदर और मनमोहक नृत्य के साथ प्रस्तुति दी गई.
कार्यकम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रखर वक्ता, आध्यात्मिक चिंतक पंडित संदीप अखिल ने आयोजक समिति की तारीफ़ करते हुए कहा समिति ने कार्यक्रम के माध्यम से बतलाया कि हमें हिंदू नव वर्ष किस तरह मनाना चाहिए. यहाँ सभी समाज की एकता देखने मिला, यही सनातन संस्कृति की खूबसूरती है, जहाँ भारतीय हिंदू नववर्ष की शुरुआत नवरात्रि से होती है.
आज से 9 वर्ष पहले सामाजिक समरसता बनाए रखने के साथ युवा पीढ़ी और बच्चों में सनातन धर्म के प्रति जागरूकता पैदा करते हुए उन्हें अपने सांस्कृतिक से जोड़कर रखने दल्ली राजहरा में लगभग 45 समाज को जोड़ सर्व समाज समरसता समिति दल्ली राजहरा का गठन किया गया था.
विगत नौ वर्षों से लगातार समिति द्वारा भारतीय हिंदू नव वर्ष को बड़े ही धूमधाम से मनाते आ रहे है. साथ ही समिति द्वारा युवा पीढ़ी महिला और बच्चों को भारतीय संस्कृति और परम्परों का प्रशिक्षण देकर विभिन्न हिंदू धार्मिक पर्व को भव्य रूप से मना सनातन सांस्कृतिक को जीवंत रख हिंदुत्व की अलख जगा रहे हैं.

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