जबलपुर २६ अप्रैल
हिंदू युवती को अगवा करने के आरोप में मुस्लिम युवक के घर पर बुलडोजर चलाने वाली पुलिस को हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले में डीजीपी से जवाब तलब किया है। वहीं युवक को सुरक्षा देने के आदेश दिए हैं। साथ में बालिग युवक-युवती काे स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह करने के आदेश दिए हैं।
डिंडोरी निवासी आसिफ खान ने हाईकोर्ट से उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग संबंधी याचिका लगाई थी। उसके खिलाफ डिंडोरी पुलिस ने एक युवती के अपहरण का मामला दर्ज किया था। आसिफ के ही मोहल्ले में रहने वाली युवती से वह प्यार करता था। दोनों अपनी मर्जी से घर से भाग कर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे और वहां दंतेवाड़ा में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली थी। अलग-अलग समुदाय के चलते उनकी शादी कानूनी तौर पर मान्य नहीं थी। जस्टिस नंदिता दुबे की एकल पीठ ने दोनों को स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत विवाह करने के आदेश दिए हैं।
FIR निरस्त करने की मांग
सुनवाई के दौरान युवती खुद कोर्ट में हाजिर हुई। उसने बताया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से आसिफ के साथ गई थी। बावजूद आसिफ और उसके परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। डिंडोरी पुलिस ने लड़की के परिवार की शिकायत पर एक तरफा कार्रवाई करते हुए अपहरण का केस दर्ज कर लिया है। आसिफ ने उस पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने की मांग की है।
बुलडोजर कार्रवाई पर सरकार से जवाब
हाईकोर्ट जस्टिस नंदिता दुबे की एकल पीठ ने प्राथमिक सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार समेत अन्य को नोटिस जारी किये हैं और पूरे मामले पर जवाब तलब किया है। आसिफ के घर पर हुई बुलडोजर कार्रवाई पर भी हाईकोर्ट ने सरकार और डीजीपी से जवाब मांगा है। मामले पर अगली सुनवाई जून में होगी।

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