ग्वालियर सितम्बर 9, 2022
एमपी में बिना आईडी गरबा में नो एंट्री (no entry in garba without id in mp) लगा दी गई है। संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर (Culture Minister Usha Thakur) ने नवरात्रि में गरबा कराने वाले संस्थानों को आइडेंटी कार्ड के बिना प्रवेश नहीं देने की नसीहत दी। ठाकुर ने कहा कि गरबा पंडाल लव जिहाद (love jihad) का बड़ा माध्यम बन गये हैं। अब सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग रहे। गरबा पांडाल में जो भी आए आइडेंटी कार्ड लेकर आए। बगैर पहचान के गरबो में कोई प्रवेश कर नहीं कर सके। ये सब के लिए सलाह भी है और नसीहत भी है।
नवरात्रि से (Navratri) पहले ग्वालियर में संस्कृति उषा ठाकुर ने बड़ा बयान के साथ ही चेतवनी भी दी है। ग्वालियर पहुंची संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि गरबा पंडाल लव जिहाद का बड़ा माध्यम बन चुके हैं।
मंत्री ठाकुर ने कहा कि आज सभी गरबा आयोजक सतर्क और सजग हैं। अब गरबा पांडाल में जो भी आए आइडेंटी कार्ड लेकर आए। बगैर पहचान के गरबो में कोई प्रवेश कर नहीं सकता है। ये सब के लिए सलाह भी है और नसीहत भी है। ठाकुर ने कहा कि हमारे लोग और सहयोगी संगठन सभी जागरूक है क्योंकि गरबा पांडाल लव जिहाद का बड़ा माध्यम बन गए थे। इसलिए अब जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान छुपाकर गरबा पांडाल में ना आए।
मंत्री के बयान का संस्कृति बचाओ मंच ने किया समर्थन
वहीं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर के बयान का हिन्दू संगठन संस्कृति बचाओ मंच (Hindu sangathan sanskrti bachao manch) ने समर्थन किया है। चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि गरबा एंट्री से पहले पंचगव्य पिलाना चाहिए,जिससे आत्मा की शुद्धि हो। जो पंचगव्य नहीं पिएगा वो हमारे धर्म का है ही नहीं। गरबा मां की आस्था का केंद्र है। वहां दूसरे धर्म वालों का क्या काम। आज गरबा का व्यवसायीकरण हो चुका है। गरबा केंद्रों में बस आजकल अश्लीलता और फूहड़ता होती है। पंडाल के बाहर लड़के-लड़कियाँ कपल एंट्री का इंतेज़ार करते रहते हैं। इसी कारण लड़कियां मुस्लिम लड़कों के साथ चली जाती है। बाद में ये लड़के लड़कियों के साथ ग़लत काम करते है। वोटर आइडी लेने की मांग हम वर्षों से कर रहे हैं।
वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी (All India Muslim Festival Committee) ने झूठा आरोप लगाकर मुस्लिम क़ौम को बदनाम करने का आरोप लगाया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी अध्यक्ष औसफ शाहमीर खान ने कहा कि झूठा आरोप लगाकर मुस्लिम क़ौम को बदनाम करने का आरोप लगाया जाता है। बुनियाद होते तो वो आरोप नहीं होते ब्लकि प्रमाण होता। कोई आरोप लगा कर माहौल ख़राब कर रहा है तो उनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई होना चाहिए। आम मुसलमानों से कोई ऐसे पर्वों में नहीं जाता है। मुस्लिम बहन-बेटियों गरबा में जाती ही नहीं है। ये पूरी ज़िम्मेदारी ऑर्गेनाइजर की है वो एंट्री दे या ना दे। हमेशा पूरी मुस्लिम क़ौम को क्यू आरोपी बना दिया जाता है। बहाना बनाकर झूठा आरोप लगाकर बदनाम करते है।

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