दुर्ग-भिलाई ,क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क लगातार तेजी से फैलता जा रहा है और अब यह सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रहकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भी अपनी पकड़ बना चुका है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने पुलिस और प्रशासन को फिर से सतर्क कर दिया है, जिसमें आईपीएल मैचों पर अवैध तरीके से सट्टा लगवाने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई दुर्ग पुलिस द्वारा गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि आरोपी लंबे समय से एक संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे और मोबाइल ऐप्स तथा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सट्टेबाजी का संचालन कर रहे थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें जल्दी पैसा कमाने का लालच देते थे और उन्हें इस अवैध कारोबार में शामिल कर लेते थे। शुरुआत में छोटे-छोटे दांव से लोगों को फंसाया जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यह रकम बड़ी होती जाती थी। इस पूरे नेटवर्क में बैंक खातों, डिजिटल वॉलेट और फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके। लेकिन लगातार निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि यह गिरोह अन्य राज्यों से भी जुड़ा हुआ हो सकता है और ऑनलाइन माध्यम से करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।
इस घटना के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी ऑनलाइन सट्टेबाजी या अवैध गतिविधि से दूर रहें और यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत इसकी सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि ऑनलाइन सट्टे पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस तरह के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध सट्टेबाजी करने वालों में हड़कंप मच गया है।

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