खैरागढ़ 7 अप्रैल चैत्र नवरात्र की चतुर्थी को मां दतेश्वरी मंदिर में सुंदरकांड का पाठ किया गया। धर्मयात्रा के तहत अंचल भर के मंदिरों में आयोजन किया जा रहा है। इसी के तहत धर्मयात्रा अपने बीसवें पड़ाव में ऐतिहासिक मां दंतेश्वरी मंदिर पहुंचीं। जहां धर्म प्रेमियों नेे सुंदरकांड का पाठ किया। प्राचीन मंदिर में माँ अपने सभी रूपों में विराजमान है। जिनकी वर्षों से पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना होती है।
मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मंगलानंद झा ने बताया कि भारत में दो ही स्थलों पर मां दंतेश्वरी विराजमान हैं। एक तो दंतेवाड़ा और दूसरी स्वयंभू प्रतिमा खैरागढ़ में। जिसमें ख़ैरागढ़ की प्रतिमा राजा को स्वप्न के बाद स्वंयभू प्रकट हुईं। जहां आज मंदिर बना हुआ है। हर वर्ष देश विदेश से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु घट स्थापना कर अपनी मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। मंदिर के ठीक सामने प्राचीन काल से ही हनुमान भी विराजमान हैं। सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पाठ में धर्मयात्रियों के साथ माता के भक्त भी शामिल हुए। फिर हनुमत भक्ति औए देवी भक्ति का अलग ही स्वरूप नज़र आया।

Facebook Conversations