डोंगरगढ़ के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. महेश तिवारी का निधन, चिकित्सा जगत में शोक की लहर
कोरोना काल में 24 घंटे चिकित्सा सुविधा देकर बने थे नगरवासियों का सहारा, 50 वर्ष की उम्र में हृदयाघात से हुआ निधन
डोंगरगढ़। धर्मनगरी डोंगरगढ़ के श्रीराम कृपा हॉस्पिटल का सफल संचालन कर नगरवासियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले डॉ. महेश तिवारी का 50 वर्ष की आयु में हृदयाघात से आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे नगर सहित चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी डॉ. तिवारी के असामयिक निधन को चिकित्सा क्षेत्र और नगरवासियों के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
डॉ. महेश तिवारी का जन्म 26 नवंबर 1976 को हुआ था। उन्होंने 24 फरवरी 2019 से डोंगरगढ़ में श्रीराम कृपा हॉस्पिटल का संचालन शुरू किया था। उनके नेतृत्व में अस्पताल ने 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए नगरवासियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेषकर कोरोना महामारी के कठिन दौर में, जब चारों ओर भय और अनिश्चितता का माहौल था, तब डॉ. तिवारी ने मरीजों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर लोगों का भरोसा जीता। उस मुश्किल समय में उनकी सेवाओं को नगरवासी आज भी याद करते हैं।
डॉ. तिवारी केवल एक चिकित्सक ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद मरीजों के लिए सहारा और भरोसे का नाम भी थे। उनके सहज व्यवहार और सेवाभाव ने उन्हें लोगों के बीच विशेष पहचान दिलाई थी। उनके निधन से अस्पताल से जुड़े लोगों, मरीजों और नगरवासियों को गहरा आघात पहुंचा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉ. महेश तिवारी का अंतिम संस्कार 25 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे डोंगरगढ़ स्थित हिरापानी मुक्तिधाम में किया जाएगा। उनके निधन पर शोकाकुल लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
डॉ. महेश तिवारी की सेवाएं और उनका मिलनसार व्यक्तित्व नगरवासियों की स्मृतियों में सदैव जीवित रहेगा।

Facebook Conversations