दरअसल मामला पीएमजीएसवाई की निगरानी में चल रहे डौंडीलोहारा ब्लॉक के मड़ियाकट्टा से लोहारा तक की 6 किमी सड़क का है, जहां डामरीकरण कार्य में गड़बड़ी की शिकायत मंगलवार को कलेक्टर पहुंचकर ग्रामीणों ने की थी। जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर गुरुवार को जांच करने विभागीय अफसर पहुंचे।
ग्रामीणों ने अफसरों के सामने ही हाथ से डामर की परत को उखाड़कर दिखाया और कहा कि आगे जब गाड़ी चलेगी तो क्या हालात होंगे, इसकी कल्पना कीजिए। अफसरों ने जल्द ही नए सिरे से ठेकेदार के माध्यम से डामरीकरण करवाने का आश्वासन दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग के मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी ने बताया कि सड़क निर्माण को गुणवत्तापूर्वक करने विभाग के अफसर ठेकेदार को नोटिस जारी कर चुके हैं। अफसरों से चर्चा करेंगे। पीएमजीएसवाई ईई सुनील नामदेव, आरईएस सहित संबंधित अफसर, जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
इन स्थानों में भी शिकायत कर चुके ग्रामीण
केस 1- धनगांव से अंडी मार्ग- ग्राम मड़ियाकट्टा के अलावा धनगांव के ग्रामीण भी डामरीकरण कार्य बंद करवा चुके हैं। वजह यह है कि ग्राम धनगांव से अंडी होते हुए मुख्य मार्ग डौंडीलोहारा मुख्यालय से जोड़ने के लिए डामरीकरण कार्य में बजरी में कम तारकोल लगा मटेरियल डाला जा रहा है। सरपंच तोषन चुरेन्द्र का कहना है कि पैदल चलने से ही बिछी हुई बजरी गिट्टी निकल रही है। सही तरीके से काम नहीं होगा तो आगे परेशानी ही होगी, खामियाजा ग्रामीणों को ही भुगतना पड़ेगा।
केस 2- मोहंदीपाट से देवरी द मार्ग- गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम मोहंदीपाट से देवरी द तक 6.60 किमी सड़क निर्माण में अनियमितता बरती गई है। स्वीकृति के बाद चार पुल नहीं बना। पूर्व विधायक राजेंद्र राय ने बताया कि पहले से बनी सड़क को उखाड़कर व जरूरी मटेरियल डालकर डामरीकरण करना था। लेकिन पहले से बनी सड़क में ही डामर बिछा दिया गया है। इस वजह से गड्ढे हो रहे है। जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। हालांकि पोल न खुले इसलिए विभागीय अफसर मरम्मत करवाकर गड्ढों को पाट रहे हैं।
काम की लागत कितनी नहीं बता रहे जिम्मेदार
मड़ियाकट्टा सरपंच सीमा मंडावी ने बताया कि कितने की लागत से काम हो रहा और कब तक होगा, इस संबंध में हमारे गांव तरफ बोर्ड नहीं लगा है। जिम्मेदारों को इस संबंध में पूछते है तो जानकारी नहीं देते। डामरीकरण एक साल पहले हो जाना था। एक सप्ताह पहले ही 2 जनवरी को डामर बिछाया गया था, वह उखड़ रहा है। डामर कम मात्रा में डाला गया है।
टीम के सामने खुली पोल
जिला पंचायत के पहले अध्यक्ष देवलाल ठाकुर ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर ने निर्देश दिए तो जांच के लिए एरिगेशन, आरईएस सहित पीएमजीएसवाई के ईई सहित पूरी जिले की टीम पहुंची थी। जहां पर गड़बड़ी उजागर हुई है। ग्रामीणों के समक्ष ठेकेदार ने रोड को पुनः उखाड़ कर नए सिरे से बनाने का वादा किया है।

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