राजनांदगांव। ग्राम रामपुर (खातुटोला) में 14 जनवरी 22 जनवरी तक श्रीमद् भागवत महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। कथावाचक पंडित होमेन्द्र प्रसाद दुबे (सुरगी, राजनांदगांव) के मुखारविंद से किया जा रहा है ।परायण कर्ता पंडित वेद प्रकाश दुबे सुरगी है। परिक्षित धानु राम निषाद,दशरी बाई निषाद है। श्रीमद् भागवत महापुराण के कथा प्रसंग मे कपिल जन्म, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र का कथा सुनाते हुए पंडित दुबे ने कहा कि श्री भागवत कथा एक दर्शनशास्त्र है जो मात्र दर्शन, श्रवण ही कल्याण कारी है। महाराज कपिल जी का दर्शन, मकर संक्रांति स्नान एवं तिल का दान पवित्र दान समान होता है। जिसमे माता देवहुती को आत्मसात एवं गर्भ से रहकर संदेश देते कि समाज से रहकर वक्त और किस्मत पर कभी घमंड मत करना क्योंकि सुबह उनकी भी होती है जिसके दिन खराब होते हैं। कपिल देव ने कहा कि जब दर्द और कड़वी बोली सहन कर लिए समझो जीना सीख गए।
सती प्रसंग मे दुबे जी ने कहा कि माता आदिशक्ति का रूप लेकर जन्म जन्म तक शिव को पति रूप में पाना एवं शक्तिपीठ का निर्माण कर भारत भूमि को पावन तीर्थ बना दिया। सभी संत जन इस भूमि को तपोभूमि कहा गया भारत को माता का दर्जा प्राप्त हुआ ,यहां ध्यान , पूजा, सत्संग सेवा, दया ,क्षमा को ही तीर्थ एवं गंगा कहा जाता है।
ध्रुव चरित्र जो कभी नहीं सोचा था उसे बड़ा पद मिला जो आज भी सत्य है सुग्रीव महाराज बाली को हारने पर राजा बना, विभीषण कभी सोचा नहीं था कि मैं राजा बनूंगा पर राम कृपा पाकर वह राजा बन गया, विश्वास ही फल देता है।आयोजक गण जिसमे जनपद अध्यक्ष भावेश साहू, रेवाराम सिन्हा सरपंच ,सामलाल माली, महितरू माली,धनवार देवागंन, ऊदे राम निषाद, देवव्रत निषाद, रामाधिन ठाकुर , बीरमु रजक , भुशन माली पंच ,'सगर निषाद, नथमुल् वरमा, सुखी यादव ,पुनित यादव ,सावत यादव आदि का विशेष सहयोग रहा है।

Facebook Conversations