11 फरवरी 2023
राजनांदगांव। ग्राम ईरा (सोमनी)में जागृति युवा मंच एवं समस्त ग्रामवासियों के तत्वाधान में 1 फरवरी से 9 फरवरी तक संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का आयोजन संपन्न हुआ। इसके कथा वाचक पंडित चंद्रकांत शर्मा ग्राम मोखला भर्रेगांव वाले हैं।
पंडित चंद्रकांत शर्मा ने व्यासपीठ से कथा प्रसंग की अंतिम दिवस कहा की भक्तों का ह्रदय में भगवान बसते हैं। भगवान प्रेम भाव के भूखे हैं, अपने हृदय को मन ,कर्म और वचन को निर्मल रखें और दिखावा से भक्ति नहीं करनी चाहिए। प्रेम है जहां भगवान है, अहंकारी तो अपने अहंकार में ही मस्त रहता है रूपए पैसे धन दौलत की अहंकार करके अपने आप को भगवान से दूर रखता है अहंकारी जीव ।और भक्त भगवान की चरण को ढूंढता है। कभी अहंकार ना करें ,समर्पण में रहे ,भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता सार बताते हुए कहा कि जिस तरह से हम पुराना कपड़ा को छोड़कर नया कपड़ा धारण करते हैं उसी प्रकार मनुष्य भी नए-नए आत्मा के रूप में इधर-उधर भटकता रहता है इस संसार के सारे रिश्ते नाते एक सांसारिक मोहमाया है। भगवान से रिश्ता ही हमारा सच्चा रिश्ता है। क्योंकि हम जहां से आए हैं हमें एक दिन उसी जगह वापस जाना है।पंडित शर्मा जी ने आगे कहा कि कर्म के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्होंने कहा भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता के 18 अध्याय का श्लोक सुनाया महाराज जी ने आगे कहा कि जमीन पर बैठने वाले जमीदार होते हैं और चौकी में बैठने वाले चौकीदार होते हैं समभाव में रहे, समहित में रहे। अहंकारी पर भगवान की नजर नहीं पड़ती। मानव का जीवन एक संघर्ष है भगवान श्रीकृष्ण है वहां सर्वगुण संपन्न है।
आयोजक समिति की अध्यक्ष कुमार साहू ने आभार व्यक्त करते हुए बताया कि ग्राम ईरा मे जागृति युवा मंच एवं समस्त ग्रामवासियों के आपार सहयोग से भव्य डीजे बाबा धुमाल ग्रुप दुर्ग के साथ शोभायात्रा निकाली गई और गली भ्रमण किया गया जिसमें श्रद्धालुओं ने खूब नृत्य करते हुए झुमे और भागवत भगवान का घर घर के सामने चौका पुरकर आरती उतारकर स्वागत सम्मान किया ।और समस्त ग्रामवासियों का धन्यवाद ज्ञापित किया जिन्होंने इस भव्य श्री मद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह को सफल बनाने में हमें सहयोग प्रदान किये।

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