भिलाई। वर्षा ऋतु में मौसमी बीमारियों को लेकर मैदानी स्वास्थ्य अमले की भूमिका को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 में हुई। जिसमें दवाओं से लेकर आवश्यक सामग्री, भर्ती मरीज करने, बेड की स्थिति और उपकरणों की जानकारी के मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनोज दानी ने सभी से वर्षा ऋतु में हल्का ताजा भोजन करने और बासी भोजन से बचने कहा। उन्होंने बताया कि सभी शासकीय अस्पतालों में सभी प्रकार की दवा ओर उपकरणों सहित जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध है, इसके लिए जागरूक रहना चाहिए सर्तक रहना ओर नीम हकीम से इलाज कराने से बचना चाहिए। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ भुनेशवर कठौतिया ने बताया कि वायरल फीवर, टाइफाइड, डेंगू और उल्टी दस्त के प्रकरणों में बढ़ोतरी मिल सकती हैं इसलिए पानी उबालकर ठंडा होने पर उपयोग करें। ताजा भोजन करें बासी भोजन से उपयोग से बचें। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई-3 के चिकित्सा अधिकारी डॉ शिखर अग्रवाल ने सभी लोगों से अपील की कि अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। पानी में अनावश्यक न भीगें, फल सब्जियां को धोकर पकाएं, किसी भी खुले में बिकने वाले सामान में मक्खियां और अन्य कीट बैठते हैं, जिससे रोग हो सकता है। सभी स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू मलेरिया की निशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम चरोदा भिलाई 3 के बीईईटीओ सैय्यद असलम ने बताया कि वर्षा ऋतु में जल जनित रोग टाइफाइड, बुखार, वायरल फीवर, उल्टी दस्त, डेंगू ओर विभिन्न संक्रमण रोग का प्रसारण होता है। लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना चाहिए। फील्ड के स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास वर्षा जनित रोगों की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। बैठक में सभी बुखार की जांच किट और डेंगू-मलेरिया की आवश्यकता की जानकारी ली गई।
त्वरित खबरें :- नागेशवरी वर्मा रिपोर्टिंग

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