अपमान, असफलता और डिप्रेशन के बाद सफलता की मिसाल बनीं रुबीना दिलैक
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री रुबीना दिलैक आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे संघर्ष, असफलता, अपमान और कई व्यक्तिगत चुनौतियों की लंबी कहानी छिपी हुई है। करियर की शुरुआत में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पहले ही शॉट में 17 रीटेक देने पड़े, जिस पर डायरेक्टर ने उन्हें फटकार लगाते हुए यहां तक कह दिया कि वह वापस शिमला लौट जाएं। शुरुआती दिनों के ये ताने और अपमान किसी भी नए कलाकार का आत्मविश्वास तोड़ सकते थे, लेकिन रुबीना ने हार मानने के बजाय खुद को और मजबूत बनाया। बाद में एक प्रोड्यूसर की कथित धोखाधड़ी के कारण उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। आर्थिक संकट इतना गहरा गया कि उन्हें अपनी कार और घर तक बेचने पड़े। निजी जिंदगी में भी उन्हें झटके लगे। ब्रेकअप के बाद वह गहरे डिप्रेशन में चली गईं और एक समय ऐसा भी आया जब उनके मन में आत्महत्या जैसे विचार आने लगे। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और धीरे-धीरे खुद को संभालते हुए जिंदगी में आगे बढ़ीं।

हिमाचल प्रदेश के शिमला में पली-बढ़ी रुबीना दिलैक पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं। उन्होंने शिमला पब्लिक स्कूल और सेंट बेड्स कॉलेज से शिक्षा हासिल की। उनके पिता एक लेखक हैं और हिंदी साहित्य में कई किताबें लिख चुके हैं। छात्र जीवन में रुबीना पढ़ाई के साथ-साथ वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थीं। वह राष्ट्रीय स्तर की डिबेट चैंपियन रह चुकी हैं। उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की पढ़ाई की, जिसमें राजनीति विज्ञान भी उनका प्रमुख विषय था। रुबीना का सपना भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाना था और वह इसकी तैयारी भी कर रही थीं। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इसी दौरान चंडीगढ़ में आयोजित एक ऑडिशन में उनका चयन हुआ और यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। वर्ष 2008 में उन्होंने टीवी शो 'छोटी बहू' से अभिनय की दुनिया में कदम रखा और पहली ही भूमिका से दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना ली।

रुबीना के लिए अभिनय की राह आसान नहीं थी। जब उन्होंने एक्टिंग में करियर बनाने का फैसला किया तो उनके पिता ने काफी समय तक उनसे बात तक नहीं की। परिवार को मनोरंजन जगत का माहौल सुरक्षित और भरोसेमंद नहीं लगता था। हालांकि 2006 में 'मिस शिमला' और 2008 में 'मिस नॉर्थ इंडिया' का खिताब जीतने के बाद परिवार का नजरिया बदला और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की अनुमति मिली। रुबीना खुद स्वीकार करती हैं कि वह एक रूढ़िवादी माहौल से आती हैं, जहां उस समय अभिनय की दुनिया को बहुत सम्मानजनक नजरिए से नहीं देखा जाता था। जब वह पहली बार मुंबई आईं तो उनके मन में डर, असुरक्षा और भविष्य को लेकर कई सवाल थे। लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना किया और अपने डर को अपनी ताकत में बदल दिया। आज रुबीना दिलैक टीवी की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। बिग बॉस 14 की विजेता बनने के बाद उन्होंने अपनी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और अब खतरों के खिलाड़ी 15 जैसे बड़े रियलिटी शो में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि संघर्ष चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, अगर आत्मविश्वास और मेहनत बरकरार रहे तो सफलता जरूर मिलती है।

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