आय से अधिक संपत्ति का मामला : सहकारी बैंक के पूर्व अफसर को 5 साल की जेल
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जांजगीर २२ अप्रैल 

आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में विशेष न्यायाधीश सुरेश जून ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक जांजगीर के तत्कालीन नोडल अधिकारी श्रवण सिंह को इन्कम का सोर्स साबित करने में असफल रहने पर पांच साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा पांच लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक साल अतिरिक्त सजा सुनाई गई है। साथ ही जिस संपत्ति का सोर्स साबित नहीं कर सके उसे जब्त करने का भी आदेश पारित दिया है।

अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार 16 फरवरी 2017 को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पूर्व नोडल अधिकारी श्रवण सिंह के घर में छापा मार कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में उनके घर से कुछ गांवों में जमीन के दस्तावेज एसीबी की टीम ने जब्त किया था। श्रवण सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1) के साथ पठित धारा 13(1)) के तहत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद एसीबी ने डायरी कोर्ट में प्रस्तुत की थी।

ऐसे लगाया गया है आय से अधिक संपत्ति का अनुमान
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के तत्कालीन नोडल अधिकारी श्रवण सिंह और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर 2 करोड़ 2 लाख 35 हजार 589 की चल और अचल संपत्तियों के कब्जे में पाया गया। यह संपत्ति उनकी आय 1,19,75,044 थी। कोर्ट ने पाया कि उनकी आय 144.96 प्रतिशत अधिक है। उसकी आय के वैध ज्ञात स्रोतों से 82,60,545 रुपए अधिक है। 40.119% आय से अधिक राशि, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 23 के प्रावधान और मामले के अन्य परिस्थितियों में अभियुक्त श्रवण सिंह को 5 वर्ष कठोर कारावास और 5 लाख रुपए का जुर्माना सुनाया। दोषी द्वारा अर्थदंड न देने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

संपत्ति को जब्त करने का भी आदेश
अदालत ने 45 लाख 21 हजार 262 रुपए की संपत्ति का मूल्य आकलन आय के ज्ञात स्रोत से अधिक पाया है। इसे आय के ज्ञात स्रोत से 40.119% अधिक माना है। साथ ही कहा है कि उक्त राशि की सीमा तक की संपत्ति को जब्त कर लिया जाना चाहिए।

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