दिल्ली में वायु प्रदूषण के मामले पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर पराली जलाने से 3-4% प्रदूषण होता है तो इसको नहीं देखे जाने की ज़रूरत है, हम कहना चाहते हैं कि यह एक कारण है.
इसके जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने सिंघवी से कहा कि हमारा ध्यान प्रदूषण पर है और वो ऐसा मुद्दा उठा रहे हैं जो प्रासंगिक नहीं है, हमने इसका ख़याल रखा है और अपने आदेश में कहा था कि हम किसानों से निवेदन करते हैं कि वो दो सप्ताह के लिए पराली न जलाएं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जो दिख रहा है वो क्या किसानों के कारण हुआ है? दिल्ली के फ़ाइव और सेवेन स्टार में बैठे लोग आलोचना कर रहे हैं कि वे (किसान) प्रदूषण में 4, 30 या 40% का योगदान दे रहे हैं. क्या आपने उनकी प्रति जोत कमाई को देखा है?
इस दौरान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि क्या हम इसे नज़रअंदाज़ कर दें कि प्रतिबंध के बावजूद पटाख़े फोड़े गए?

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