125वीं जयंती पर डॉ. खुबचंद बघेल जी को स्मरण कर छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज ने किया भव्य आयोजन...
त्वरित खबरें निशा विश्वास ब्यूरो प्रमुख रिर्पोटिंग

125वीं जयंती पर डॉ. खुबचंद बघेल जी को स्मरण कर छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज ने किया भव्य आयोजन...

छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा प्रदेश के महान समाज सुधारक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. खुबचंद बघेल जी की 125 वीं जयंती के अवसर पर महापुरुषों की प्रतिमा अनावरण एवं जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह का भव्य आयोजन कुर्मी  भवन नरदहा, रायपुर में किया गया।

कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष सांसद  विजय बघेल जी का समाज के पदाधिकारियों द्वारा शाल, श्रीफल व प्रतीक चिन्ह भेंट कर गरिमामय स्वागत किया गया। इस अवसर पर समाज के केन्द्रीय अध्यक्ष  खोडस राम कश्यप, महामंत्री  यशवंत सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष  जागेश्वर प्रसाद, टंक राम वर्मा कैबिनेट मंत्री,पूर्व कैबिनेट मंत्री  अजय चंद्राकर पूर्व  राज्यसभा सांसद छाया वर्मा,सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सांसद विजय बघेल ने कहा कि हमारे सियान के बारे में हमारी आने वाली पीढ़ी को बताना होगा चाहे राजनीति के क्षेत्र में हो कला के क्षेत्र में हो हम थोड़े से व्यस्त होते परिवार को छोड़ देते हैं उनके लिए समय नहीं दे पाते हैं मेरे दादी के भाई के रूप में देखी थी डॉ खुबचंद बघेल जी को  डॉ खुबचंद बघेल कहते थे अपनी पत्नी को तुम मेरे आंखों के काजल हों राष्ट्रीय कुर्मी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य के कल्पना की और सबसे पहली सपन दृष्टि वाले थे राज किसका है मुल्य वाक्य को पढ़ें छत्तीसगढ़ के लिए जो पांच सौ साल पहले आएं वो छत्तीसगढया है समाज के मान सम्मान उचा रहे इस के लिए हम संकल्पित है डॉ सहाब का जन्म हुआ छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए संघर्षरत रहे 

समारोह के प्रमुख आकर्षण के रूप में समाज के प्रेरणास्त्रोत महापुरुषों की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया। इनमें छत्रपति शिवाजी महाराज, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. खुबचंद बघेल, स्वामी आत्मानंद, दाऊ भोला प्रसाद कुर्मी, दाऊ तुला राम परगनिहा, अनंतराम बछिही शामिल रहे। सभी प्रतिमाओं पर सांसद विजय बघेल जी ने पुष्प अर्पित कर नमन किया और समाज की एकता, चेतना व गौरवशाली विरासत की सराहना की।

इस गरिमामय अवसर पर समाज के हजारों पदाधिकारी, कार्यकर्ता व नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे आयोजन एक जनसैलाब में परिवर्तित हो गया। कार्यक्रम ने समाज में नई ऊर्जा, एकता व जागरूकता का संदेश दिया

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