रिसाली व भिलाई निगम में टैक्स वसूली की रफ्तार धीमी है। इसके चलते वित्तीय वर्ष की छह महीने गुजरने के बाद भी भिलाई और रिसाली निगम में टैक्स कलेक्शन टारगेट से 50 फीसदी तक नहीं पहुंच सका है। यही कारण कि निगम की आर्थिक स्थिति दिन ब दिन खराब हा़े रही है। कर्मचारियों काे वेतन देने के लिए राज्य सरकार पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
निकायों में कर्मचारियों का वेतन, कार्यालयीन खर्चे के लिए कर वसूली ही मुख्य आधार है। संचित राशि से काम होते हैं। वर्तमान में हाल ऐसा है कि अफसर वसूली नहीं करा पा रहे हैं। इसके चलते संचित निधि से काम चलाया जा रहा है। अब वसूली में पिछड़ने पर राजस्व अधिकारी बकाएदारों को टैक्स पटाने दबाव बना रहे हैं। जबकि वर्तमान स्थिति यह है कि भिलाई निगम में 32 करोड़ रुपए के टारगेट में करीब 13 करोड़ रुपए की वसूली कर सके हैं, जो कुल रकम का 40 फीसदी हिस्सा है। इसी तरह रिसाली निगम का अमला 9 करोड़ रुपए के टारगेट का 44 फीसदी यानी करीब 4 करोड़ रुपए निगम खाते में जमा करा सका है। इसके चलते अभी पुराने बकाएदारों की सूची तैयार की जा रही है। इसके अलावा डोर टू डोर कलेक्शन के लिए एजेंसी को आदेश किए गए हैं।
फंड भी नहीं : टैक्स वसूली में रिसाली का औसत भिलाई से बेहतर
छूट देने के बाद भी 50 फीसदी टारगेट नहीं कर सके पूरा, अब अभियान चला रहे
वित्तीय वर्ष 2021-22 की छमाही बीत चुकी है। पिछले माह तक भिलाई और रिसाली निगम में 50 फीसदी से ज्यादा राशि की वसूली कर सके हैं। इसमें भी भिलाई से अलग होकर नए निगम के रूप में स्थापित हुए रिसाली निगम की है। यहां टारगेट की 44 फीसदी राशि की हो चुकी है। जबकि भिलाई निगम में वसूली चार फीसदी कम हुई है। यानि टारगेट की 40 फीसदी राशि ही निगम के खाते में जमा हो सकी है। ये स्थित तब बनी जब लोगों को 4 से 6 फीसदी तक छूट दी गई। टैक्स वसूली को लेकर अब निगमों ने अभियान शुरू किया है। ताकि समय रहते टैक्स की वसूली की जा सके।
वार्डों में लगाए जा रहे शिविर, कलेक्शन में बढ़ोत्तरी की हर संभव कोशिश जारी
भिलाई और रिसाली निगम में कर वसूली का जिम्मा निजी एजेंसी को दिया गया है। लेकिन कंपनी टारगेट को पूरा नहीं कर पा रही है। इसके चलते पिछले दिनों भिलाई निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने वसूली बढ़ाने को लेकर अधिकारियों की क्लास लगाई थी। इसके बाद भी आयुक्त के निर्देश पर वार्डों में वसूली के लिए कैंप और डोर टू डोर कलेक्शन की शुरुआत की गई है। इसके लिए 30 अक्टूबर तक का रोस्टर जारी किया गया है। 16 अक्टूबर को वार्ड 10 चंद्रनगर, वार्ड 15 हनुमान मंदिर के पास, वार्ड 22 एवं 23 श्याम नगर पार्षद कार्यालय, वार्ड 30, वार्ड 34 एकता नगर में लगेगा।
पुराने और बढ़े बकाएदारों को अभी से नोटिस भेजने की तैयारी, सूची की गई तैयार
पिछले दो साल कोरोना की वजह से टैक्स वसूली काफी प्रभावित रही। इसके अलावा पिछले साल छूट का सिलसिला तो जुलाई माह से शुरू कर दिया गया। इसके बाद निगम के पुराने और बड़े बकाएदारों से निगम को अनुमान के मुताबिक वसूली प्राप्त नहीं हुई। इसके चलते निगम ने अभी ऐसे बकाएदारों की सूची तैयार कर उन्हें भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही उन्हें नोटिस भेजकर उनके नाम सार्वजनिक किए जाएंगे। बड़े बकाएदारों की सूची तैयार की गई है। उन्हें नोटिस भेजना भी शुरू कर दिया गया है।
टैक्स वसूली को लेकर हमारा प्रयास जारी, जल्द शिविर लगाएंगे
वसूली में तेजी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके चलते वार्डों में ही कैंप आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा टैक्स कलेक्शन एजेंसी को डोरटूडोर भी जाने को कहा गया है। इसी तरह की तमाम कवायद की जा रही हैं। निगम द्वारा वार्डों में शिविर लगाने के लिए शेड्यूल भी तैयार किया गया है। ताकि लोगों को निगम कार्यालय आने की जरूरत न पड़े।