गढ़चिरौली की दिशा से बढ़ रहा हाथी दल मोहला बॉर्डर के करीब पहुंच गया है। दो दिनों से हाथी इसी हिस्से में थमे हुए हैं। जहां आसपास के झोपड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया है। इधर वन अमले ने बॉर्डर के गांवों में मुनादी करा दी है। मंगलवार को भी पूरे दिन वन अमला इस हिस्से में डटा रहा। मोहला रेंजर जागेश्वर गोंड ने बताया कि हाथी सबसे अधिक नुकसान धान की फसल को पहुंचा रहे हैं।
इसे देखते हुए इलाके के किसानों को फसल की कटाई तेजी से करने की बात कही गई है। परवीडीह, पारडी, बुकमरका सहित आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट भी रहने कहा गया है। वन अमला लगातार हाथियों के रूट की निगरानी कर रहा है। हालांकि अब तक हाथी दल मोहला बॉर्डर से करीब 5 किमी. दूर के जंगल में मौजूद हैं। इधर हाथियों के दस्तक की सूचना मिलते ही किसानों में भी दहशत है।
दरअसल कुछ महीने पहले भी हाथी दल इन मोहला इलाके में दाखिल हुआ था, जहां कई मकानों को क्षतिग्रस्त कर फसलों को भी जमकर नुकसान पहुंचाया था। कुछ मकानों में घुसकर हाथियों ने जमकर तोड़फोड़ भी मचाई थी। तब ग्रामीणों को स्कूल व पंचायत भवनों में रहकर रात बिताना पड़ रहा था। दोबारा हाथियों के आने की मुनादी सुनते ही ग्रामीण फिर परेशान हो गए हैं।
रूट घोषित हो चुका, ऐसी स्थिति बनती ही रहेगी
हाथियों के लगातार आमद और इसी हिस्से से आवाजाही को देखते हुए वन अफसरों ने इसे हाथियों का रुट घोषित कर दिया है। कुछ महीने पहले ही मोहला बॉर्डर से लगे हिस्सों को हाथियों का रूट माना गया है। अफसरों ने बताया कि इन हिस्सों में हाथियों की आमद अब बनी रहेगी। हालांकि वर्तमान में जो दल विचरण कर रहा है, आक्रामक मूड में हैं। दल में 20 से 25 हाथी शामिल हैं।