29 सितंबर 2022
राजनांदगांव। राजनांदगांव जन मोर्चा के अध्यक्ष शिव वर्मा ने बताया कि प्रदेश के भूपेश सरकार के द्वारा पूर्व सरकार के द्वारा बनाए गए स्कूल बिल्डिंग भवन तथा साहित्यकारों के नाम स्कूल बिल्डिंग को भी बदल कर आत्मानंद स्कूल किया जा रहे हैं। जो पूरी तरह नया संगत नहीं है। सरकार के द्वारा संस्कारधानी राजनांदगांव बैरागी राजाओं के द्वारा दिया गया धरोहर को भी मिटाने में लगे हुए हैं। सर्वेश्वर दास स्कूल का नाम बदल कर आत्मानंद स्कूल हो गया साहित्यकारों के नाम से जाने जाने वाले बक्शी स्कूल अब आत्मानंद स्कूल हो गया। कहीं प्रदेश की सरकार दिग्विजय कॉलेज का नाम बदल कर आत्मानंद कॉलेज तो नहीं रखने वाला है। धीरे धीरे प्रदेश सरकार सभी स्कूलों का प्राइवेट करण कर रहे हैं। इसी प्रकार इस सत्र में 75 स्कूल को आत्मानंद स्कूल बनाने में लगे हुए हैं। गजानन माधव मुक्तिबोध स्कूल शंकरपुर का प्रस्ताव है। देर सबेर इन साहित्यकारों का नाम बदलकर आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल करने में लगे हुए हैं। वर्मा ने कहां की कुछ लोगों के द्वारा अपने स्वार्थ के लिए राजनांदगांव संस्कारधानी के नाम बदलने के लिए मुहिम चला रहे हैं। क्या इन्हें सर्वेश्वर दास का नाम बदलकर आत्मानंद स्कूल किया गया तथा साहित्यकारों का नाम बदला गया तो इसका विरोध क्यों नहीं किया। क्या राजाओं की धरोहर तथा उसके नाम को हटाकर आत्मानंद स्कूल किया गया है। इसके लिए क्या कदम उठा रहे हैं। सिर्फ राजनांदगांव के नाम को चेंज करने से शहर की समस्या का समाधान नहीं होगा तथा बैरागी राजाओं के द्वारा रखा गया नाम राजनांदगांव संस्कारधानी को कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता। शहर की जनता अपनी जन्म भूमि और कर्म भूमि के नाम को नहीं बदलना चाहता है।
उन्होंने कहा कि जनसमर्थन के नाम से फोटो खिंचवा कर जनप्रतिनिधियों का अपमान कर रहे हैं। स्कूल के शिक्षक शिक्षिका चपरासी को भटकना पड़ा रहा है।