दलित बालक की निर्मम हत्या के विरोध जनआक्रोश रैली निकली

त्वरित खबरे :

21 /अगस्त /2002

राजनांदगांव। राजस्थान के सुराणा में एक स्कूल शिक्षक द्वारा नौ साल के दलित बालक की निर्मम हत्या के विरोध में शहर में आज 21 संगठनों के द्वारा जनआक्रोश रैली निकाली गई और जयस्तंभ चौक में जातिवाद का पूतला फूंका।  रैली के पश्चत जयस्तंभ चौक मेंं सभा का आयोजन किया गया। इस सभा को विभिन्न वक्ताओं ने संंबोधित कर शासन प्रशासन से मृतक के परिजनों को न्याय देने की मंाग की। उपस्थित जनसमुदाय को संविधान की रक्षा की शपथ दिलाई । 

आज सुबह 11 बजे जयस्तंभ चौक से जनआक्रोश रैली का आगाज हुआ जो मानव मंदिर चौक, गुरूद्वारा चौक, जी ई रोड होते हुए वापस जयस्तंभ चौक में आकर सभा तब्दील हुई।  सभा में बौद्विस्ट कल्याण समिति, छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा, अजाक्स जिला राजनांदगांव, रविदास समाज, अखिल भारतीय हल्बा आदिवासी समाज, जिला किसान संघ, जिला गाड़ा गंधर्व समाज, समस्त मुस्लिम समाज, खिदमत फाउंडेशन, जिला मसीही समाज, ओबीसी महासभा, जिला सतनामी समाज समेत 21 संगठनों के प्रनिनिधि शामिल हुए। 

सभा को संबोधित करते हुए विप्लव साहू, महेंद्र वर्मा, शशिकांत गणवीर, बी पी मेश्राम, निलेश रामटेके, पुष्पलता,गणवीर, कन्हैया लाल खोब्रागढ़े, देवेंद्र चौहान, एम बी अनोखे, कांति फुले, रविता लकड़ा, भीमराव बागड़ेे एवं अन्य वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर और राष्ट्र निर्माताओं ने छुआछूत, भेदभाव, जातिवाद जैसी सामाजिक बुराईयों को समाप्त करने का आव्हान किया था। इसके बावजूद अब भी देश में इस तरह की कुप्रथाएं जीवित हैं जो देश की तरक्की के लिए बाधक है साथ ही नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करती हैं। आज भी देश में मनुवादी सोच जिंदा है जिसे जड़ स ेउखाडऩा होगा। विगत दिनों राजस्थान के जैलोर में एक स्कूल में नौ साल के बच्चें को सिर्फ इसलिए बुरी तरह मारा क्योंकि उस बालक ने शिक्षक के घड़े से पानी निकालकर पी लिया। इस घटना से नाराज स्वर्ण शिक्षक ने उस दलित बालक को उसके घड़े से पानी पीने पर इतना पिटा की 21 दिनों तक इलाज के बाद उसका निधन हो गया। इस घटना से देश में एक बार फिर जातिवाद उजागर हो गया है। 

 उन्होंने कहा कि आज 21 सामाजिक संगठन मांग करते हैं देश से इस धर्म, जाति और भाषा के आधार पर भेदभाव को समाप्त किया जाए। मासूम बालक के परिजनों को एक करोड़ रूपये प्रदान किया जाए, परिवार के एक सदस्य को शिक्षा विभाग में नौकरी दिया जाए तभी मासूम की मृत आत्मा को इंसाफ मिल सकेगा।