23 जुलाई 2022
नई दिल्ली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि विभिन्न चुनौतियों के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के रेल यात्रियों को रियायतें देने का विचार नहीं है. हालांकि रेलवे ने दिव्यांग की चार श्रेणियों, रोगियों और विद्यार्थियों की 11 श्रेणियों के लिए किराये में रियायत जारी रखी है.
एक सवाल के लिखित जवाब में रेल मंत्री ने कहा कि भारतीय रेल वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी यात्रियों की औसतन यात्रा की लागत का 50 प्रतिशत से अधिक भार पहले से ही वहन कर रही है. इसके अलावा, कोरोना के कारण बीते दो वर्ष की यात्री आमदनी 2019-2020 की तुलना में कम है. इसलिए वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी श्रेणियों के यात्रियों को रियायतें देने का दायरा बढ़ाना वांछनीय नहीं है.
यात्री ट्रेन निजी संचालकों को देने का प्रस्ताव नहीं
रेल मंत्री ने शुक्रवार को राज्यसभा को बताया कि यात्री ट्रेनों का संचालन निजी संचालकों को सौंपने संबंधी कोई प्रस्ताव नहीं है. राष्ट्रीय परिवहन की अपने नेटवर्क में चरणबद्ध तरीके से निजी ट्रेनों की शुरुआत करने की योजना है. कुछ ट्रेनों का संचालन 2023-24 में शुरू होगा और 2027 तक सभी 151 ऐसी ट्रेनों का परिचालन होने लगेगा. रेल मंत्री ने कहा कि रेल परिचालन में समयबद्धता और सुरक्षा महत्वपूर्ण है इसलिए रेलगाड़ियों के 2500 से अधिक ठहराव समाप्त कर दिए गए हैं.
2359 किसान रेल चलाई गईं
रेल मंत्री ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि 7 अगस्त 2020 को किसान रेल सेवाओं के शुरू होने के बाद 30 जून 2022 तक रेलवे ने करीब 2359 ऐसी ट्रेन का संचालन किया. उन्होंने कहा कि इस अवधि के दौरान शीघ्र खराब होने वाली करीब 7.9 लाख टन वस्तुओं की ढुलाई रेलवे की ओर से की गई.