नगर निगम के पूर्व सभापति व पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने मंगल पांडे की जन्म जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए

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19 जुलाई 2022

 राजनांदगांव। नगर निगम के पूर्व सभापति व पार्षद दल के प्रवक्ता शिव वर्मा ने मंगल पांडे की जन्म जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों के खिलाफ 1857 में आजादी का पहला मशाल जलाने वाले मंगल पांडे का जन्म 19 जुलाई 1827 में बलिया (उ.प्र.) में एक सामान्य परिवार में हुआ था. परिवार की परवरिश के लिए 22 वर्षीय मंगल पांडे ब्रिटिश-ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में भर्ती हो गये. उनकी बहादुरी से प्रभावित होकर उन्हें ब्रिटिश आर्मी की 34वीं बंगाल नेटिव इन्फेंट्री में प्रवेश मिल गया. उन्हीं दिनों मंगल पांडे की बटालियन के लिए एनफिल्ड पी.53 राइफल लांच हुई थी, इसमें कारतूस भरने के लिए उसे मुंह से खोलना पड़ता था, तभी यह खबर आई कि कारतूस में गाय और सुअर की चर्बी का इस्तेमाल किया गया था. 9 फरवरी को 1857 को यह राइफल सैनिकों को दिया गया. लेकिन मंगल पांडे के इंकार करने पर 29 मार्च 1657 में मेजर ह्यूसन ने उनसे राइफल छीनना चाहा, तब मंगल पांडे ने उन्हें गोली मार दिया. एक अन्य ब्रिटिश लेफ्टिनेंट बॉब आगे बढ़ा तो मंगल पांडे ने उसे भी गोली मार दिया. अंततः ब्रिटिश फौज ने उन्हें पकड़ा. उन पर कोर्ट मार्शल कर 18 अप्रैल 1857 को फांसी की सजा सुनाई, लेकिन जन आंदोलन की आशंका से मंगल पांडे को 10 दिन पूर्व 8 अप्रैल को ही फांसी पर लटका दिया गया