गर्भवती महिलाओ को प्रसव के उपरांत टिकाकरण के बाद ही किया जायेगा डिस्चार्ज....

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प्रसव उपरांत स्वास्थ्य केंद्र से टीकाकरण के बाद ही किया जाएगा डिस्चार्ज -जिले की समस्त गर्भवतियों को लगेगा कोविड-19 का टीका -गर्भवती महिलाओं का कोविड-19 टीकाकरण पर जोर

प्रदेश भर में  प्रसूताओं को प्रसव के बाद कोविड-19 टीकाकरण के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। इसी प्रकार सभी स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं का कोविड टीकाकरण ऑन स्पॉट पंजीकरण के आधार पर  कराया जाएगा I 

इस संबंध में जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य, मातृ-शिशु अस्पताल में व्यापक व्यवस्था की गई है I प्रसूताओं को बेड पर ही टीका लगाया जाएगाI राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीआर भगत ने बताया, “गर्भावस्था के दौरान कोविड-19 संक्रमण से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ सकती है और यह भ्रूण को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में विशेषज्ञों की कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के लाभ इसके संभावित जोखिमों से कहीं अधिक हैं।“ टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई, एमओएचएफडब्ल्यू) की सिफारिशों के आधार पर, गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण को मंजूरी दी गई है।गर्भवती महिलाओं को कोविड-19 संक्रमण से सुरक्षित करने के लिए जिला स्तर पर मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी द्वारा पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है।  

राजनांदगांव के जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी ने बताया,”जिले में लगभग 68.73 प्रतिशत लोगों को कोरोना टीका का प्रथम डोज दिया जा चुका है। वहीं नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन (एनटीएजीआई) एवं (एनईजीवीएसी) द्वारा गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की अनुशंसा की गई है। जिले में भी इसको लेकर पत्र द्वारा निर्देशित किया गया है जिसमें कोविड-19 टीकाकरण से मां बच्चा और परिवार को सुरक्षित किए जाने की बात की गई है। उन्होंने बताया, “जिले में लगभग 80-90 प्रसव रोज होते हैं और अब इन सभी का भी टीकाकरण शुरू हुआ है”I इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया, “जिले में शत-प्रतिशत कोरोना टीकाकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मितानिन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक (महिला) के रुप में कार्य करने वाली फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर को भी गृहभ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं को उनके या बच्चे के स्वास्थ्य पर कोविड-19 के संभावित जोखिमों तथा टीकाकरण के लाभों के बारे में जागरुक करने के लिए कहा गया है। यदि गर्भवती महिला टीकाकरण करने का निर्णय लेती है तो उसे और उसके साथ आने वाले को टीकाकरण के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया के बारे में जानकारियां प्रदान की जा रही हैं”। उन्होंने बताया, “उपलब्ध कोविड 19 टीकों से जुड़े जोखिमों और लाभों के साथ-साथ संक्रमण के संबंध में प्रदान की गई जानकारी के आधार पर एक गर्भवती महिला के पास टीकाकरण लेने का विकल्प होगा”।