महादेव बेटिंग ऐप केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मामले के प्रमुख आरोपी और महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के कथित संचालक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। उस पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए ओमान पहुंचने का आरोप है। अब भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने (प्रत्यर्पण) की प्रक्रिया में जुट गई हैं।
जानकारी के अनुसार, सौरभ चंद्राकर पिछले करीब सात वर्षों से विभिन्न देशों में रहकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की गिरफ्त से बचता रहा। उसके खिलाफ ऑनलाइन सट्टेबाजी सिंडिकेट चलाने, अवैध वित्तीय लेनदेन और अन्य गंभीर आरोपों की जांच पहले से जारी है। भारतीय जांच एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं।
बताया जा रहा है कि ओमान में उसकी गिरफ्तारी फर्जी यात्रा दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप में हुई है। इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने उसे भारत लाने के लिए आवश्यक कानूनी और राजनयिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे भारत लाकर विभिन्न मामलों में पूछताछ की जाएगी।
महादेव बेटिंग ऐप मामले की जांच में पहले भी कई बड़े खुलासे हो चुके हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि सौरभ चंद्राकर से पूछताछ के बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क, वित्तीय लेनदेन और इससे जुड़े अन्य आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। फिलहाल एजेंसियां मामले की आगे की कार्रवाई में जुटी हुई हैं।