31 मई 2022
प्री मानसून बौछार ने जिले को बड़ी राहत दी है। सोमवार की दोपहर में तेज धूप के बीच अचानक मौसम में बदलाव हुआ। इसके बाद करीब घंटेभर जमकर बादल बरसे। इस बारिश को द्रोणिका और चक्रवाती सिस्टम का असर बताया गया है। इधर मौसम विभाग ने पहले जून से एक बार फिर हीट वेव की स्थिति निर्मित होने की संभावना जताई है।
सोमवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री तक पहुंचा। इसके बाद अचानक मौसम में बदलाव हुआ। आसमान में बादल छाए और तेज अंधड़ के साथ बारिश शुरू हुई। शहर के अलावा जिले के कई हिस्सों में यह बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा झारखंड के ऊपर 0.9 किमी. ऊंचाई तक विस्तारित है।
एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका उत्तर पश्चिम राजस्थान से बांग्लादेश तक 1.5 किमी. ऊंचाई तक विस्तारित है। यह द्रोणिका लगातार बढ़ते जा रही है। इसके असर से सोमवार को बारिश हुई है। यह सिस्टम अब भी सक्रिय है। इसके चलते मंगलवार को भी बारिश होगी। इस दौरान तापमान में किसी भी तरह के बदलाव की संभावना कमी है।
किसानों ने शुरू की खरीफ की तैयारी, प्रशासन सक्रिय
मानसून के करीब आने के साथ ही जिलेभर में किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारी तेज कर दी है। खेतों में सफाई का काम शुरू हो गया है। सोसाइटियों से खाद बीज का उठाव भी तेज हो चुका है। इधर आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासनिक अफसर भी सक्रिय हो गए हैं। जिले के प्रभावित व संवेदनशील हिस्सों में अति बारिश से निर्मित होने वाली स्थिति से निबटने योजना बनाई जा रही है। आने वाले दिनों में अफसर इसके लिए बैठक भी कर सकते हैं।
इधर दुर्ग संभाग में 12 जून तक पहुंचेगा मानसून
मानसून अपने निर्धारित समय से दो दिन पहले केरल पहुंच चुका है। मानसून के सामान्य या प्रबल होने की स्थिति में यह निर्धारित समय पर राज्य के अलग-अलग संभागों में सक्रिय होती है। दुर्ग संभाग में सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून तक पहुंचती है। स्थिति सामान्य रही तो इस बार मानसून की आमद 12 जून को हो जाएगी। अगर प्रबल रही तो 10 जून तक मानसून संभाग में सक्रिय होगा। अगर मानसून कमजोर पड़ती है तो 18 से 20 जून तक संभाग में पहुंचेगा।
3 डिग्री और बढ़ेगा पारा ग्रीष्म लहर के हालात
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून के पहले तापमान में एक बार फिर बढ़ोतरी होती है। इस दौरान ग्रीष्म लहर की स्थिति बनती है। हर बार जून में ऐसी स्थिति बनती रही है। इस बार भी इसकी प्रबल संभावना है। वर्तमान से तीन डिग्री तक तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में राजनांदगांव जिले में तापमान का स्तर एक बार फिर 44 डिग्री पर पहुंच सकता है। इस दौरान हीट वेव चलेगी और लोगों को एक बार फिर भीषण गर्मी के दौर से गुजरना पड़ेगा। हालांकि यह स्थिति अधिकतम 7 दिन ही रहेगी ।
पूर्वानुमान: नियमित बारिश की उम्मीद
इस बार मानसून में सामान्य बारिश की उम्मीद जताई जा रही है। खास बात यह है कि बारिश सामान्य के साथ नियमित भी रहेगी। यह कृषि के लिहाज सबसे राहत वाला अनुमान है। जिले में मानसून में औसत 1057 मिमी. बारिश होती है। बीते साल बारिश ने औसत का आंकड़ा को पार कर लिया था, लेकिन बारिश अनियमित रही। कृषि के लिहाज से सबसे अहम सावन के दौरान बारिश काफी कम रही। वहीं इसके बाद एक महीने में ही जमकर बादल बरसे। इस अनियमित बारिश से फसलों की लागत बढ़ जाती है। पूर्वानुमान के मुताबिक नियमित बारिश किसानों के लिए बड़ी राहत वाली है।
गर्मी से मिली राहत
सिस्टम सक्रिय होने से बारिश और अंधड़ के बीच तापमान भी स्थिर रहेगा। घंटेभर हुई बारिश से शाम में मौसम खुशनुमा कर दिया। लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।