30 मई 2022
उत्तर प्रदेशकी राजधानी लखनऊ के एक मदरसे में दो बच्चों के पैर में जंजीर लगाकर ताला बांधने का चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। वीडियो वायरल होते ही पुलिस मदरसे तक पहुंची और दोनों बच्चों को मुक्त कराया। इसके बाद मदरसे के मौलाना को भी हिरासत में ले लिया। पुलिस ने थाने में दोनों बच्चों के परिजनों को भी बुला लिया, उसके बाद पूरा मामला ही पलट गया। परिजनों ने बयान दिया कि उनके कहने पर ही बच्चों पर सख्ती की गई है। उधर, बच्चों ने भी माना कि उनका पढ़ाई में मन नहीं लगता और इसी वजह से उन्हें यह सजा मिली है। लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के एक मदरसे में दो बच्चों के पैरों में जंजीर बांधकर ताला लगाकर रखा गया था। इस बच्चों का वीडियो एक ग्रामीण ने बना लिया। इसके बाद पुलिस को वीडियो दिखाया। पुलिस ने वीडियो देखते ही मदरसे पर छापा मारा और दोनों बच्चों को मुक्त कराया। इसके बाद मौलाना को भी हिरासत में ले लिया। दोनों किशोरों को भी पुलिस थाने ले आई। यहां उनके परिजनों को बुलाया गया।
बच्चों के परिजन ने बताया कि बच्चों को मदरसे में पढ़ाई के लिए भेजा गया था। रमजान की छुट्टी के बाद से वे मदरसे में जाना नहीं चाहते थे। दोनों कई बार मदरसे से भाग चुके हैं। उन्होंने ही मौलाना से कहा था कि इनके साथ सख्ती से पेश आएं और चाहें तो इनके पैर बांध दें। उन्होंने बताया कि दोनों बच्चे फिर से भाग गए। यही वजह रही कि मौलाना ने सख्ती की और दोनों बच्चों के पैर जंजीर से बांध दिए। उधर, मौलाना ने भी कहा कि उसने बच्चों के परिजनों ने जैसा कहा था, वही किया। दोनों बच्चों को नहीं मारा। खास बात है कि दोनों बच्चों ने भी माना कि उनके साथ मारपीट नहीं की गई है। उसके पैर केवल जंजीर से बांधकर ताला लगा दिया था ताकि वो दोबारा से भाग नहीं सकें। बच्चों ने कहा कि उनका मन पढ़ाई से नहीं लगता। जब पूछा गया कि दोबारा भागेंगे तो कहा कि फिर गलती नहीं होगी। गोसाईंगंज एसपी स्वाति चौधरी ने बताया कि बच्चे उनके परिवार के लोगों के हवाले कर दिए गए हैं। मौलाना को भी समझाया गया है कि किसी भी बच्चे के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए।