कोर्ट से खान सर को मिली राहत, रौशन आनंद की बढ़ीं मुश्किलें; जमानत के लिए नई रणनीति तैयार

त्वरित खबर : सौरभ

पटना में चर्चित कोचिंग विवाद मामले में एक ओर खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर को अदालत से राहत मिल चुकी है, वहीं ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका निचली अदालत द्वारा खारिज किए जाने के बाद उनके वकीलों ने अब उन्हें राहत दिलाने के लिए नई कानूनी रणनीति तैयार की है।

मामला पटना में कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद और कथित मारपीट से जुड़ा है। इस प्रकरण में पुलिस ने कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की थी। रौशन आनंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जबकि खान सर को अदालत से अंतरिम राहत मिलने के बाद गिरफ्तारी से संरक्षण प्राप्त हुआ। इसी कारण दोनों पक्षों की कानूनी स्थिति फिलहाल अलग-अलग बनी हुई है।

रौशन आनंद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष तर्क दिया कि मामले में लगाए गए कई आरोप गंभीर प्रकृति के नहीं हैं और अधिकांश धाराएं जमानती श्रेणी की हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि घटना में लगी चोटें साधारण हैं और जांच में सहयोग किया जा रहा है। हालांकि अदालत इन दलीलों से संतुष्ट नहीं हुई और नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया।

जमानत अर्जी खारिज होने के बाद रौशन आनंद के अधिवक्ताओं ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी शुरू कर दी है। कानूनी टीम नए तथ्यों और दलीलों के आधार पर जमानत की मांग करेगी। वकीलों का मानना है कि मामले के सभी पहलुओं को विस्तार से रखने पर उच्च अदालत से राहत मिलने की संभावना बन सकती है। इसके लिए केस से जुड़े दस्तावेज, मेडिकल रिपोर्ट और जांच से संबंधित अन्य तथ्यों को भी मजबूत तरीके से प्रस्तुत करने की योजना बनाई जा रही है।

उधर, कोचिंग जगत में यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। खान सर को मिली राहत और रौशन आनंद की जेल में मौजूदगी को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस जारी है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च न्यायालय में दायर होने वाली नई जमानत याचिका पर क्या फैसला आता है और क्या रौशन आनंद को भी जल्द राहत मिल पाती है या नहीं। फिलहाल उनके वकील कानूनी विकल्पों पर तेजी से काम कर रहे हैं और अगले कदम की तैयारी में जुटे हुए हैं।