राजनांदगांव , 25 मई 2022
फोरलेन पर सोमवार की दोपहर हुए हादसे में अगले दिन बड़े खुलासे हुए। पुलिस के अनुसार इस घटनाक्रम में बोलेरो चालक पीडब्ल्यूडी के एसडीओ पीएस दीवान थे। उनकी पदस्थापना राजनांदगांव पीडब्लूडी दफ्तर के क्रमांक-1 में है। हादसे के बाद मौके पर डायल-112 की जीप तो आई लेकिन घायल यश चौथवानी की जगह एसडीओ को बैठाकर अस्पताल ले गई। परिजन का आरोप है कि पुलिस ने यश को तत्काल उपचार मुहैया कराने की बजाय मौके पर ही अधमरा छोड़ दिया। दीवान को अस्पताल छोड़ने के बाद यश को ले जाया गया।
हादसे के बाद उनके एसडीओ के ड्राइवर का बयान लिया गया। पुलिस के बयान में चालक ने बताया कि गाड़ी एसडीओ दीवान ही चला रहे थे, वे अकेले थे। उनका निवास दुर्ग में है। वहां से आते वक्त अग्रवाल पेट्रोल पंप के पास यह हादसा हुआ है। बयान के बाद पुलिस फिलहाल एसडीओ दीवान की पतासाजी में जुटी हुई है।
अब तक उन्हें नहीं पकड़ा जा सका है। घटना के बाद से उनका मोबाइल भी बंद है। सोमवार रात पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ धारा 279, 337, 304 (ए) का मामला दर्ज किया है। वाहन बोलेरो CG-09-5161 में यह हादसा हुआ था।
अगर पुलिस मदद करती तो बच सकती थी जान
इस मामले में मृतक यश चौथवानी के परिजन ने आरोप लगाया है कि पुलिस के द्वारा घटनास्थल पर यश की बजाय एसडीओ दीवान की मदद की जा रही थी। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट नजर आ रहा है कि दीवान अपनी गाड़ी से उतर रहे और उन्हें 112 के वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा है। जबकि उसी दौरान यश भी तड़प रहा था। उसकी कोई मदद नहीं की गई। पुलिस ने यश को अधमरा छोड़ दिया और दीवान को उपचार के लिए ले गए।
परिजन ने कहा: हिट एंड रन का मामला बनाया जाए
इस मामले में यश के पिता अनिल चौथवानी और चाचा विवेक चौथवानी ने कहा है कि मामले में एसडीओ दीवान के खिलाफ हिट एंड रन का मामला दर्ज होना चाहिए। पीछे से ठोकर मारने के बाद यश को मौके पर छोड़कर दीवान खुद उपचार के लिए निकल गए। कुछ स्थानीय पुलिस अफसरों ने भी वहां दीवान की मदद की। पूरी चीजें सीसीटीवी फुटेज में कैद हो गई हैं। आसपास के लोगों से भी बयान लिए जाने चाहिए।