बिलासपुर में वायरल फीवर का संक्रमण फैल गया है ।इसके मरीजों की संख्या पिछले दो हफ्ते से लगातार बढ़ रही है। शहर के सभी प्राइवेट हॉस्पिटल, क्लीनिक में बुखार, सर्दी-खांसी, गले में दर्द के मरीजों की कतार है। डाक्टर कहते हैं कि सितंबर से वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ जाता है, क्योंकि इस समय मौसम ना सर्द रहता है और ना गर्म, लिहाजा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। ऐसे में वायरस जल्दी अटैक कर लेता है।
शहर में पिछले 15 दिनों से बार - बार बदलते मौसम बदल रहा है। कभी बारिश हो जाती है तो कभी तेज घूप होती है। इसके कारण कुछ ही घंटे में तापमान में 10 डिग्री तक का बदलाव हो जाता है। ऐसे में भीगने, ठंडी हवा की चपेट में आने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इस बार वायरल के असर में बदलाव देखा जा रहा है। अब तक यह संक्रमण सर्दी , खांसी , जुकाम और बुखार होने के बाद तीन - चार दिन में ठीक हो जाता था लेकिन , पिछले एक हफ्ते में यह देखने में आ रहा है कि मरीजों को वायरल से ठीक होने में ज्यादा वक्त लग रहा है । यही वजह है कि अब सरकारी के साथ ही प्राइवेट अस्पतालों में भी वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है । 70 प्रतिशत मरीजों में वायरल फीवर है। सिम्स के मेडिसिन विभाग के डॉ पंकज टेंभूर्निकर के मुताबिक वायरल के मरीजों की संख्या में पिछले दो - तीन हफ्तों में बहुत इजाफा हुआ है। पहले जहां दिनभर में 20-25 मरीज ही वायरल के आते थे। अभी 100 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं।
कोरोना के डर से लेट आ रहे हैं मरीज
अभी भी कोरोना का इतना डर है कि बुखार के बाद लोग तुरंत जांच कराने नहीं जा रहे हैं। फीवर होने पर पहले लोग या तो घरेलू नुस्खे आजमाते हैं या फिर मेडिकल स्टोर से खुद ही दवाई लेकर अपने ही स्तर इलाज करने लगते हैं ।दो - तीन दिन में जब हालत ज्यादा बिगड़ने लगती है , तब डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। यही परेशानी की सबसे बड़ी वजह है ।डाक्टरों के मुताबिक लोगों को चाहिए कि जैसे ही वायरल संक्रमण होने की आशंका लगे सीधे डॉक्टर के पास जाकर इलाज लेना चाहिए । ऐसे में संक्रमण बढ़ने से पहले आसानी से रिकवर हो जाता है।
डाक्टर कहते हैं- ऐसे बचें वायरल से
डाक्टर आरती पांडे कहती हैं कि लोगों को इस बदलते मौसम में गुनगुना पानी ही पीना चाहिए और कोशिश करना चाहिए कि बाहर का खाना ना खाएं । सर्द- जुकाम की स्थिति आने पर रात में हल्दी वाल दूध पीना चाहिए। विक्स डालकर पानी का भाप लेने से भी मरीजों को आराम मिल सकता है। बीमारी बढ़ने से पहले ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।