1083 में से 567 फॉर्म रिजेक्ट, दावा-आपत्ति का मौका नहीं मिला, पालक बोले- आरटीई का खुला उल्लंघन

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शहर में संचालित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम सरकारी स्कूल में क्लास वन के 50 सीटों पर एडमिशन देने के लिए सोमवार को लॉटरी निकाली गई। इस क्लास के लिए 1083 फॉर्म आए थे पर स्कूल प्रबंधन ने अलग-अलग कारणों से 567 फॉर्म सीधे रिजेक्ट कर दिए और पालकों को दावा-आपत्ति का मौका ही नहीं दिया गया। स्क्रूटनी के बाद पात्र किए गए 516 बच्चों के फॉर्म को लॉटरी में शामिल किया गया। इनमें से लॉटरी सिस्टम से 50 बच्चों का चयन किया गया है।

इधर बड़ी संख्या में फॉर्म रिजेक्ट होने पर नाराज पालकों ने शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि स्वामी आत्मानंद स्कूल में आरटीई कानून का पालन नहीं हो रहा है बल्कि खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं। पालकों ने सवाल उठाया है कि फार्म अपात्र कर तो दिए गए पर पहले से सूचना ही नहीं दी गई। एक बार भी सुधार का मौका नहीं दिया गया। इस वजह से सैकड़ों की संख्या में फॉर्म रिजेक्ट कर निराश कर दिया गया है।

13 बीपीएल व 12 एपीएल वाले छात्र
स्कूल प्रबंधन की ओर से चयनित किए गए 516 बच्चों के नाम का पठन किया गया। सबसे पहले छात्राओं को सीट आवंटित करने के लिए लॉटरी निकाली गई। क्लास वन में 50 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए पहले चरण में 25 छात्राओं की लॉटरी के माध्यम से चयन किया गया। इसके बाद 13 बीपीएल छात्र-छात्राओं की लॉटरी निकली। वहीं 12 एपीएल छात्र-छात्राओं की भी लॉटरी निकालकर क्लास वन में एडमिशन का मौका दिया गया।

जानिए, यह दस्तावेज पेश करेंगे पालक
प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में लॉटरी निकाली गई। बड़ी संख्या में पालक भी पहुंचे थे। अब चयनित किए गए 50 बच्चों के पालकों को दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना है। आय प्रमाण पत्र तहसीलदार से प्रमाणित होना अनिवार्य है। पालकों ने जरूरी दस्तावेजों का परीक्षण 17 मई तक कराना है। इसके बाद सत्यापन होते ही बच्चों को क्लास वन में एडमिशन दिया जाएगा।

पालकों ने जताई हैरानी
बड़ी संख्या में फॉर्म रिजेक्ट होने पर पालकों ने हैरानी जताते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस भारती दासन को पत्र लिखा है। पालक दीपक स्वर्णकार, लालचंद तुरकर, विकास तुरकार ने पत्र के माध्यम से सचिव को बताया है कि आत्मानंद स्कूल में आरटीई कानून का पालन नहीं हो रहा बल्कि इससे उपर नया नियम बनाकर बच्चों को शिक्षा का अधिकार नहीं दिया जा रहा है।

यह कारण बता रहे
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि कई बच्चों के नाम से 4 से 5 फॉर्म जमा किए गए थे। इस वजह से फॉर्म रिजेक्ट हुए। डीपीआई की ओर से तय की गई आयु सीमा की वजह से भी कई फॉर्म अपात्र की श्रेणी में आ गए। वहीं 45 पालकों ने ऑफलाइन आवेदन लिया था पर इसे जमा करने ही नहीं आए। इस वजह से अधिक फॉर्म रिजेक्ट किए गए हैं।

... नाराज पालकों ने इन बिंदुओं पर उठाए सवाल
1. आरटीई के तहत नर्सरी के लिए 3 से 4 वर्ष, केजी वन के लिए 4 से 5 वर्ष और पहली के लिए 5 से साढ़े 6 वर्ष आयु सीमा निर्धारित है। आत्मानंद स्कूल में साढ़े 5 से साढ़े 6 साल आयु सीमा तय है।
2. फॉर्म को अपात्र किए जाने के बाद पालकों को आखिर किस वजह से सुधार का मौका नहीं दिया गया, लॉटरी के दिन ही अपात्रों की सूची कैसे जारी की गई है, इसकी जांच की जाए।
3. इतने बड़े पैमाने पर पालक आवेदन करने में गलती कैसे कर सकते हैं? फॉर्म भरने के दौरान पोर्टल में गलतियों को तत्काल पकड़ने के लिए ऑप्शन क्यों नहीं दिया गया।

गाइड लाइन के अनुसार लॉटरी निकाली: प्राचार्य
स्कूल की प्राचार्य आशा मेनन ने बताया कि डीपीआई की गाइड लाइन के अनुसार लॉटरी निकाली गई। 50 बच्चों का चयन किया गया है। अब दस्तावेजों का परीक्षण होगा। फॉर्म अलग-अलग कारणों से रिजेक्ट किए गए।