खैरागढ़ 5 मई 2022
इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ परिसर में खैरागढ़ महोत्सव-2022 का रंगारंग आयोजन जारी है। 27 अप्रैल से शुरू इस चार दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन बड़ी संख्या में दर्शक पहुंच रहे हैं और रंगारंग प्रस्तुतियों का आनंद उठा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि दो साल के अंतराल के बाद यह महोत्सव हो रहा है, जिसे लेकर दर्शक में जोरदार उत्साह देखने को मिल रहा है। 29 अप्रैल की शाम खैरागढ़ महोत्सव में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के छात्रों ने ओडिसी नृत्य विभाग के द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर सुशांत दास के नृत्य संयोजन में राज्य गीत अरपा पैरी के धार की प्रस्तुति दी गई।
इसके बाद किराना घराना के गायक परितोष पोहनकर (इंदौर) के द्वारा गायन प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के अरूप चटर्जी ने तबले पर शफीक हुसैन ने सारंगी पर संगत की। इस दौरान पद्मश्री मुकुंद नायक ने विश्वविद्यालय की कुलपति पद्मश्री ममता (मोक्षदा) चंद्राकर, खैरागढ़ जिला के ओएसडी डाॅ. जगदीश सोनकर, कुलसचिव प्रो.डाॅ. आईडी तिवारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मीरा गुलाब चोपड़ा आदि को भी मंच पर आमंत्रित किया। शुक्रवार की शाम को महोत्सव के दौरान फिल्म डायरेक्टर प्रोड्यूसर प्रेम चंद्राकर, प्रो. हिमांशु विश्वरूप, कुलसचिव प्रो. डॉ. आईडी तिवारी, प्रख्यात रंग-मर्मज्ञ सुभाष मिश्रा, राज परिवार के वरिष्ठ सदस्य लाल अशोक सिंह आदि उपस्थित थे।
सरोद वादन की प्रभावी प्रस्तुति
मुंबई से आए प्रसिद्ध सरोद वादक पं. व्रजनारायण ने भी अपनी प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति में असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. हरिओम हरि ने तबले पर संगत की। इसके बाद भारतीय रंगमंच और सिनेमा के प्रतिनिधि कलाकार पीयूष मिश्रा और उनकी टीम ने बल्ली मारन बैंड की प्रस्तुति दी। इसके बाद झारखंड के प्रसिद्ध लोक कलाकार पद्मश्री मुकुन्द नायक ने अपनी टीम के साथ आदिवासी लोकसंगीत की प्रस्तुति दी।
पश्चिम बंगाल के छाऊ नृत्य के कलाकारों ने खूब लूटी वाहवाही
विश्वविद्यालय की कुलसचिव ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन कुलपति पद्मश्री ममता (मोक्षदा) चन्द्राकर के मार्गदर्शन और डाॅ. योगेन्द्र चौबे के संयोजन में लोकसंगीत एवं कला संकाय के द्वारा राज्य गीत अरपा पैरी के धार एवं लोक में राम की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद नई दिल्ली के प्रसिद्ध शहनाई वादक योगेश कुमार शंकर, देवास की विदूषी कलायिनी कोमकली, पश्चिम बंगाल के छाऊ नृत्य कलाकार मनोहर कुमार एवं साथी, महाराष्ट्र लावणी कलकार चंद्रकांत पाटिल अपनी प्रस्तुति दी। खैरागढ़ महोत्सव 2022 के इस साल के आयोजन के लिए बनाए गए मंच और साज-सज्जा भी आकर्षण के केन्द्र रहे।