तपती धूप के बाद भी वोट देने पहुंचे लोग

त्वरित खबरे - नक्सल प्रभावित गांवों में भी गजब का उत्साह

राजनांदगांव/खैरागढ़  १३ अप्रैल 

विधानसभा उपचुनाव खैरागढ़ में मंगलवार सुबह 7 से शाम 5 बजे तक 78 फीसदी वोटिंग हुई। यहां 50 बूथ ऐसे थे जहां शाम 5 बजे के बाद भी मतदान चलता रहा। खैरागढ़ उपचुनाव में 10 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। अब 16 अप्रैल को जिला मुख्यालय में यह पिटारा खुलेगा।

अप्रैल माह में झुलसा देने वाली गर्मी के बीच मंगलवार को खैरागढ़ क्षेत्र में तपिश के बाद भी वोटर्स मतदान करने के लिए घरों से निकले और पोलिंग बूथ में अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शहरी क्षेत्र के अलावा धुर नक्सल प्रभावित गांवों में भी मतदान को लेकर गजब का उत्साह दिखा। गांव में मतदान त्योहार मनाया गया। लगभग 78 फीसदी वोटिंग हुई है।

ग्रामीणों ने गांव में मुनादी करवाई थी कि पहले मतदान करेंगे फिर कोई दूसरा काम करेंगे। हालांकि मतदान चलते गांवों में कामकाज बंद रहा और ग्रामीण केवल चुनावी माहौल में ही मशगूल दिखे। गांव के चौपाल में बैठे लोग चुनाव के परिणाम को लेकर चर्चा करते रहे।

सुबह से ही लोग वोट डालने पहुंचने लगे थे। बूुथों में कतार लगी रही। दैनिक भास्कर की टीम अतिसंवेदनशील नक्सल प्रभावित भोथली, भुजारी गांव पहुंची। यहां फोर्स के जवानों की तैनाती के बीच मतदान हुआ।

काम बंद रहा, हर आने जाने वालों पर रखी नजर
जवानों ने मतदान केन्द्र सहित आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले रखा था। हर आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही थी। पहाड़ी और जंगल से घिरे इस गांव में प्रशासनिक अमला सालों बाद पहुंचता है।

ग्रामीणों ने भास्कर की टीम को बताया कि मतदान को लेकर गांव में त्योहार जैसा माहौल है। धुर नक्सल प्रभावित ग्राम भोथली में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की भागीदारी ज्यादा रही।

घंटेभर बंद रही ईवीएम बाहर बैठे रहे मतदाता

खैरागढ़ नगर के पॉलिटेक्निक बूथ में ईवीएम में खराबी आ गई। मशीन रिप्लेस करने के करीब बाद भी मतदान शुरू नहीं हो सका। करीब घंटेभर तक बूथ में मतदान थमा रहा।

इसके चलते मतदाता बाहर ही जमीन पर बैठकर नई मशीन का इंतजार करते रहे। मशीन बंद होने के चलते इस बूथ में मतदान प्रभावित रहा। मतदाताओं में गुस्सा भी दिखा। घंटेभर बाद वोटिंग शुरू हुई।

150 बूथों में वेब कास्टिंग से मॉनिटरिंग की सुविधा

150 मतदान केन्द्र में वेब कास्टिंग की सुविधा दी गई, जिसकी मानिटरिंग भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रायपुर, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी द्वारा की गई। इस दौरान यह देखा गया कि मतदान केन्द्रों में किसी तरह की अवांछनीय गतिविधियां न हो। संभागायुक्त दुर्ग महादेव कांवरे ने विधानसभा के मतदान केन्द्रों में पहुंचकर निरीक्षण किया। ​​​​​​​

जानिए, विस क्षेत्र में पिछले चुनाव के वोट शेयर को

2018 के आमचुनाव में 84.59 फीसदी मतदान हुआ था। इसमें 1 लाख 70 हजार 621 लोगों ने वोट डाले थे। जनता कांग्रेस जोगी पार्टी के प्रत्याशी देवव्रत सिंह को 36.08 फीसदी वोट मिले थे। वहीं भाजपा प्रत्याशी कोमल जंघेल को 35.57 और कांग्रेस प्रत्याशी गिरवर जंघेल को मात्र 18.66 फीसदी वोट से संतोष करना पड़ा था। वहीं 2013 के आमचुनाव में 84.40 फीसदी वोटिंग हुई थी। ​​​​​​​