नोडल अधिकारी की मनमानी

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राजनांदगांव 9 अप्रैल शिक्षा का अधिकार कानून के तहत जिन बच्चों ने अंग्रेजी माध्यम निजी स्कूल की आरक्षित सीट में 11 साल तक पढ़ाई की, इन बच्चों को शिक्षा विभाग की ओर से अब हिंदी माध्यम सरकारी स्कूल में भर्ती कराने दबाव बनाया जा रहा है। इससे परेशान पालकों ने स्कूल शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर डीईओ और नोडल अधिकारी को हटाने की मांग की है।

पालक अखिलेश झा, रोशन यादव, महेन्द्र रामटेके ने बताया है कि बच्चों ने नर्सरी से लेकर कक्षा आठवीं तक आरटीई के तहत अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ाई की और अब कक्षा नवमी में पढ़ाई के लिए सरकारी हिंदी माध्यम स्कूल में भेजा जा रहा है जो न्याय संगत नहीं है। पालकों ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी भी आरटीई के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं और पालकों को स्पष्ट कहा जा रहा है कि सीट नहीं है तो फिर सरकारी स्कूल में पढ़ाई कराएं या फिर पैसे देकर निजी स्कूल में भर्ती करें। पालकों ने कहा कि किसी भी प्रकार की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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