छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 12 साल के बच्चे की हत्या

त्वरित ख़बरें - पड़ोसी ही निकला जिसने पुरानी रंजिश के चलते मासूम की जान ले ली

छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 12 साल के बच्चे की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आरोपी उसका पड़ोसी ही निकला जिसने पुरानी रंजिश के चलते मासूम की जान ले ली थी। आरोपी ने बताया कि बच्चे का पिता उससे बार-बार मजदूरी के पैसे मांगता था। कई बार सबके सामने जलील कर चुका था। इसलिए मैंने उसके बेटे को मारकर बांध में फेंक दिया था। मामला लालबाग थाना क्षेत्र के इंदामरा गांव का है।

इस मामले में इंदामरा निवासी हीरालाल साहू ने 21 जून 2021 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में उसने बताया था कि उसका 12 साल का बेटा देवेश साहू शाम से लापता है। उसका कुछ पता नहीं चला रहा है। जिस पर पुलिस ने उसके गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच में अगले दिन बच्चे का शव डोंगरगढ़ थाना के निगो बांध में तैरता मिला था। देवेश के शव और हाथ पैर को रस्सी से बांधा गया था। जिसके बाद से पुलिस इस मामले की जांच में जुटी थी। डोंगरगढ़ थाना से इस केस को फिर लालबाग थाना ट्रांसफर किया गया।

ऐसे बढ़ा शक

जांच के लिए पुलिस ने सबसे पहले देवेश के परिजनों से पूछताछ की थी। इसके अलावा आस-पास और पड़ोसियों से भी पूछताछ की थी। इसी दौरान पुलिस को हीरालाल के पड़ोसी तुलसीराम साहू के घटना वाले दिन घटनास्थल के आस-पास जाने की जानकारी मिली। इस पर पुलिस ने तुलसीराम को संदेह के आधार पर हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेकर जब पुलिस ने तुलसीराम से पूछताछ की तो वो बार-बार अपना बयान बदलता रहा। पुलिस उससे जितनी बार पूछताछ करती वो अलग-अलग बयान देता। इसी बयान के चलते पुलिस को उस पर शक बढ़ता चला गया। फिर जब पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच कबूल कर लिया।

पुलिस को दिए गए अपने बयान में तुलसीराम साहू ने बताया, वह हैरान करने वाला है। तुलसीराम ने बताया कि दो साल पहले मेरे घर निर्माण में देवेश के पिता हीरालाल ने काम किया था। मकान निर्माण के बाद मैंने उसका पैसा नहीं दिया था। इसलिए वो आए दिन पैसे मांगता था। कई बार उसने पैसे के लिए तुलसीराम को मोहल्लेवालों के सामने जलील कर दिया था। इसी के कारण हीरालाल और उसके परिवार के बीच पिछले कई दिनों से बातचीत बंद थी।

मछली पकड़ने के बहाने ले गया

तुलसीराम ने यह भी बताया कि वो इस बात से काफी परेशान था। बार-बार उसे बदला लेने की इच्छा थी। जिसके चलते उसने प्लान बनाया कि वह देवेश को मार देगा और अपना बदला लेगा। इसी प्लान के आधार पर तुलसीराम देवेश को 21 जून को शाम 6 बजे अपने साथ ये कहकर ले गया था कि चलो बांध में मछली पकड़ेंगे।

खंडहर मकान में ले गया

आरोपी ने बताया कि देवेश को लेकर वह बांध के बजाए अछोली गांव स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय के बगल से एक खंडहर मकान में ले गया था। यहां तो पहले उसने देवेश को खूब पीटा। फिर उसके गले में पहने हुए ताबीज से उसका गला घोंट दिया था। साथ ही उसके कपड़े को मकान में छिपाकर देवेश के शव को पत्थर और हाथ-पैर को रस्सी से बांधकर डोंगरगढ़ के बांध में फेंक दिया था। आरोपी के जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने अब आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने सोमवार को खुलासा किया है।