बिलासपुर-चांपा के 50 किलोमीटर में ही ट्रायल पूरा:रेल हादसे के एक साल बाद भी 26 इंजन में कवच सिस्टम नहीं, 2380 किमी ट्रैक बाकी

त्वरित खबरें : पायल रिपोर्टिंग

छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी कवच प्रणाली को लेकर काम की रफ्तार पर सवाल उठ रहे हैं। रेल हादसे के एक साल बाद भी बिलासपुर रेल मंडल में सुरक्षा तकनीक का विस्तार पूरा नहीं हो पाया है। जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर-चांपा रेलखंड के करीब 50 किलोमीटर क्षेत्र में ही कवच सिस्टम का ट्रायल पूरा किया गया है।

वहीं, मंडल के 26 इंजनों में अब तक यह सुरक्षा प्रणाली नहीं लगाई गई है। इसके अलावा करीब 2,380 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर भी कवच सिस्टम लगाने का काम बाकी है। कवच एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जो निर्धारित परिस्थितियों में ट्रेन की गति नियंत्रित करने और टक्कर की आशंका होने पर ब्रेक लगाने में मदद करती है।

रेलवे में इस तकनीक का उद्देश्य मानवीय चूक और सिग्नल पार करने जैसी स्थितियों में दुर्घटनाओं का जोखिम कम करना है। हालांकि, ट्रायल और विस्तार का काम पूरा होने में देरी के कारण रेल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।