राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना का कार्य छुरिया ब्लाॅक के आश्रित ग्राम जोंधरा में इन दिनों जमीनी विवादोें के चलते बंद हो गया है। जानकारी के अनुसार शासकीय भूमि खसरा नं. 8/1 रकबा 8.9350 में ग्राम जोंधरा निवासी कौशल्या बाई सिन्हा पति धनाजी राम सिन्हा विगत 30-35 वर्षों से शासकीय भूमि पर कब्जा कर खेती-किसानी कर अपना जीविकोपार्जन कर रही थी।
ग्राम पंचायत ने माना की उक्त भूमि शासकीय है और लगभग एक एकड़ के करीब है। अतः यहां तालाब निर्माण करवाया जा सकता है। इसलिए उन्होंने उक्त भूमि का नक्शा खसरा जनपद में जमा कर उस भूमि की स्वीकृति शासकीय तौर पर तालाब निर्माण के लिए लिया।
पंचायत द्वारा कार्य शुरू करने पर जब ग्रामीण उस जगह पर पहुंचे तो कौशिल्या बाई सिन्हा पति धनाजी राम सिन्हा, पुत्र जीवन सिन्हा, डोमन सिन्हा आदि ने अपने अधिकृत जमीन में कार्य करने से ग्रामीणों को मना किया। कौशिल्या बाई के विरोध को देखते हुए पंचायत ने कार्य को बंद करवा दिया। फिलहाल जोंधरा में तालाब निर्माण कार्य को बंद कर ग्रामीणों को रोजगार प्रदान करने आश्रित ग्राम मोहगांव में तालाब निर्माण शुरू करवाया गया है।
सरपंच पर लगाया बदले की भावना का आरोप
कौशिल्या बाई सिन्हा ने बताया कि वह 30-35 वर्षों से उस जमीन पर खेती-किसानी कर अपना जीविकोपार्जन कर रही हूं। ग्राम में 20 से 25 अन्य लोगों ने भी शासकीय भूमि पर कब्जा किया हुआ है, फिर सरपंच द्वारा हमारे द्वारा कब्जा की गई जमीन पर ही तालाब बनवाया जा रहा है। ये सिर्फ सरपंच के बदले की भावना है। जिस जगह पर तालाब का निर्माण किया जा रहा है वो पूरी तरह औचित्यहीन है और ना ही इसका कोई लाभ ग्रामीणों को मिल पाएगा।
ग्रामीणों को रोजगार प्रदाय करने के लिए तालाब निर्माण करवाया: सरपंच
ग्राम पंचायत जोंधरा सरपंच सुरेन्द्र मेश्राम ने कहा कि भूमि शासकीय है इसलिए ग्रामीणों को रोजगार प्रदाय करने इस जगह पर तालाब निर्माण करवाया जा रहा था, फिलहाल जनपद एवं तहसील में कार्य बंद होने की सूचना पंचायत द्वारा प्रदान कर दी गई है।