सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक वीडियो को लेकर सुपेला थाने पहुंचे सैकड़ों लोग, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

भिलाई, । सुपेला थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में सोशल मीडिया और YouTube पर प्रसारित कथित असत्य एवं भ्रामक सामग्री को लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग सुपेला थाना पहुंचे। शिकायतकर्ता रंजीत ठाकुर, निवासी कोहका, भिलाई ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 02 अक्टूबर 2026 को थाना सुपेला में शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक मीडिया/YouTube चैनल द्वारा सांसद प्रतिनिधि प्रमोद सिंह के निजी एवं घरेलू मामले को दुर्ग सांसद विजय बघेल से जोड़ते हुए उनकी तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की तस्वीरों के साथ कथित भ्रामक सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई।

रंजीत ठाकुर का कहना है कि इस तरह की सामग्री के प्रसारण से संबंधित व्यक्तियों की सामाजिक और सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि प्रसारित वीडियो में किए गए दावे वास्तविक तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों पर आधारित हैं या नहीं, इसकी निष्पक्ष जांच की जाए।

थाना प्रभारी को सौंपा गया ज्ञापन

शिकायतकर्ता ने 06 अक्टूबर 2026 को थाना प्रभारी, थाना सुपेला को पुनः ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में संबंधित CGBHaskar YouTube वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की निष्पक्ष जांच करने की मांग की गई है।

इसके साथ ही वीडियो के मूल स्रोत, अपलोडकर्ता और प्रसारण से जुड़े तथ्यों की जांच करने तथा वीडियो में किए गए दावों की सत्यता उपलब्ध दस्तावेजों और वास्तविक तथ्यों के आधार पर जांचने की मांग की गई है।

डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग

ज्ञापन में संबंधित मामले से जुड़े डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि जांच के दौरान कानून का उल्लंघन अथवा कोई संज्ञेय अपराध पाया जाता है तो प्रचलित कानून के अनुसार उचित वैधानिक कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा 02 अक्टूबर को दिए गए पूर्व आवेदन पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी लिखित रूप से उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

कहा- द्वेषपूर्ण कार्रवाई नहीं, निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायतकर्ता रंजीत ठाकुर ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग किसी व्यक्ति के विरुद्ध द्वेषपूर्ण कार्रवाई कराने की नहीं है। उनका कहना है कि वे केवल निष्पक्ष जांच, वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता को देखते हुए शीघ्र निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।