हिड़मा से जुड़े गीत पर नृत्य के आरोप से राजनांदगांव में सियासी विवाद
भाजयुमो ने कांग्रेस नेता देवेश वैष्णव के वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच और FIR की मांग की
राजनांदगांव। गणेश विसर्जन झांकी के दौरान कथित रूप से नक्सली कमांडर हिड़मा से जुड़े गीत पर नृत्य करने के आरोप को लेकर राजनांदगांव में राजनीतिक विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष चिंटू सोनकर ने कांग्रेस नेता एवं जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री देवेश वैष्णव से जुड़े कथित वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच की मांग की है। भाजयुमो ने आरोप सही पाए जाने की स्थिति में FIR दर्ज करने के साथ संगठनात्मक कार्रवाई की मांग भी की है। मामले को लेकर कलेक्टर एवं पुलिस अधिकारियों को शिकायत दिए जाने की बात सामने आई है।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष चिंटू सोनकर ने कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर कांग्रेस झीरम घाटी के शहीदों के लिए न्याय की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके जिला पदाधिकारी से जुड़ा ऐसा वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी और भूपेश बघेल से इस मामले में कांग्रेस का रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
वायरल वीडियो की तकनीकी जांच की मांग
भाजयुमो का कहना है कि 26 और 27 सितंबर की दरमियानी रात गणेश विसर्जन के दौरान यह कथित घटना हुई। संगठन ने शिकायत के साथ वीडियो फुटेज उपलब्ध कराने की बात कही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार शिकायत में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना प्रभारी से जांच तथा कार्रवाई की मांग की गई है।
चिंटू सोनकर ने मांग की कि पुलिस वायरल वीडियो की तकनीकी जांच करे, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करे तथा गीत की वास्तविक सामग्री, उसके संदर्भ और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की जांच करे। उनका कहना है कि यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
झीरम घाटी के शहीद उदय मुदलियार का किया उल्लेख
भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कहा कि राजनांदगांव ने झीरम घाटी हमले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय उदय मुदलियार को खोया था। ऐसे में इस प्रकार के आरोप सामने आना गंभीर विषय है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने कहा कि झीरम घाटी के शहीदों के प्रति सम्मान केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं होना चाहिए। यदि किसी वायरल वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो तथ्य और कानून के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद होगी
इस मामले में फिलहाल देवेश वैष्णव के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध रिपोर्टों में भी प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट होने की बात कही गई है।
भाजयुमो ने जांच पूरी कर तथ्य सामने लाने और आरोप सही पाए जाने पर वैधानिक एवं संगठनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
जारीकर्ता:
चिंटू सोनकर
जिलाध्यक्ष, भारतीय जनता युवा मोर्चा
जिला राजनांदगांव, छत्तीसगढ़