भिलाई। भिलाई ट्रिपल मर्डर केस में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दोषी को दी गई फांसी की सजा रद्द कर दी है। अदालत ने सजा को संशोधित करते हुए दोषी को शेष प्राकृतिक जीवन (आखिरी सांस तक) कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला पत्नी, डेढ़ माह की मासूम बेटी और एक अन्य व्यक्ति की हत्या से जुड़ा है। निचली अदालत ने इस जघन्य अपराध को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मानते हुए दोषी को फांसी की सजा सुनाई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने मामले की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माना कि यह मामला 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं आता।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अपराध अत्यंत गंभीर और निंदनीय है, लेकिन केवल इसी आधार पर मृत्युदंड देना उचित नहीं माना जा सकता। इसलिए दोषी की फांसी की सजा को बदलकर आजीवन कारावास, अर्थात प्राकृतिक जीवन के अंतिम क्षण तक जेल में रहने की सजा में परिवर्तित कर दिया गया।