दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय की एक दैनिक वेतनभोगी महिला कर्मचारी के वेतन से 1 लाख 49 हजार 384 रुपये के कथित गबन के मामले में मोहन नगर थाना पुलिस ने विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलसचिव भूपेन्द्र कुमार कुलदीप (51) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 550/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(4) में मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय की दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी शुभांगी मराठे ने कुलपति से शिकायत की थी। शिकायत के बाद विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति ने मामले की जांच की। जांच रिपोर्ट और बैंक दस्तावेजों के आधार पर मोहन नगर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया।
दबाव बनाकर खाते से कराए ऑनलाइन ट्रांसफर
जांच में सामने आया कि पीड़िता विश्वविद्यालय में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी होने के साथ आरोपी कुलसचिव के निवास पर भोजन बनाने का कार्य भी करती थी। उसका मासिक वेतन 11,515 रुपये था, लेकिन आरोपी उसे केवल 2,200 रुपये देता था। शेष राशि फोनपे और पेटीएम के माध्यम से कथित रूप से उदय कुलदीप के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी।
पुलिस के मुताबिक, 6 फरवरी 2025 से 4 जुलाई 2026 के बीच इस तरीके से कुल 1,49,384 रुपये का गबन किया गया।
जांच समिति की रिपोर्ट में पुष्टि
विश्वविद्यालय की जांच समिति ने बैंक खातों, यूपीआई ट्रांजेक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद पद के दुरुपयोग और अमानत में खयानत के आरोपों की पुष्टि की। इसके आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को प्रतिवेदन भेजा, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
पद का दुरुपयोग कर किया आर्थिक शोषण
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपने प्रशासनिक पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए अधीनस्थ महिला कर्मचारी पर दबाव बनाया और उसके खाते में आने वाले वेतन का अधिकांश हिस्सा डिजिटल भुगतान माध्यमों से दूसरे खाते में स्थानांतरित कराकर अनुचित आर्थिक लाभ लिया।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
मोहन नगर थाना पुलिस ने पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी भूपेन्द्र कुमार कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में बैंक दस्तावेज, यूपीआई ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और अन्य अभिलेख जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और शासकीय कर्मचारियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पद का दुरुपयोग कर आर्थिक शोषण या वित्तीय अनियमितता करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।