10 करोड़ की ठगी का खुलासा! प्रोफेसरों-छात्रों के दस्तावेजों से कराया गया लोन

त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

राजधानी रायपुर में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रोफेसरों और छात्रों के दस्तावेजों का कथित रूप से दुरुपयोग कर उनके नाम पर लोन और फाइनेंस कराए गए। मामले में करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी की आशंका जताई जा रही है।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने प्रोफेसरों और छात्रों के व्यक्तिगत दस्तावेजों का इस्तेमाल कर विभिन्न वित्तीय संस्थानों से लोन स्वीकृत कराए। कई लोगों को तब इस पूरे मामले की जानकारी हुई, जब उनके नाम पर लिए गए लोन की किस्तों और बकाया राशि से संबंधित नोटिस या कॉल मिलने लगे।

मामले की जानकारी सामने आने के बाद पीड़ितों ने इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों और पुलिस से की है। शिकायत के आधार पर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जीवाड़ा किस स्तर पर हुआ, इसमें किन लोगों की भूमिका रही और कितने लोगों के नाम का दुरुपयोग किया गया।

प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये के फर्जी लोन और फाइनेंस की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों की सत्यता और संबंधित संस्थानों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह प्रदेश के बड़े वित्तीय फर्जीवाड़ों में शामिल हो सकता है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक नुकसान, आरोपियों की संख्या और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।