दुर्ग-भिलाई पहुंचेंगी अमेरिका की पूर्व सैन्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हंसा रावल, मेडिटेशन पर होगा विशेष कार्यक्रम...

त्वरित खबरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की अमेरिका स्थित टेक्सास सेवा केंद्रों की निदेशिका एवं पूर्व अमेरिकी सैन्य चिकित्सा अधिकारी बीके डॉ. हंसा रावल एक दिवसीय प्रवास पर दुर्ग-भिलाई पहुंच रही हैं। अपने प्रथम छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान वह 1 अगस्त (शनिवार) को दुर्ग और भिलाई में दो विशेष आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी सत्रों को संबोधित करेंगी।

दुर्ग और भिलाई में होंगे दो विशेष कार्यक्रम

संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. हंसा रावल का पहला सत्र दुर्ग के बघेरा स्थित आनंद सरोवर में सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित होगा। इसके बाद उनका दूसरा सत्र भिलाई सेक्टर-7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में शाम 6:30 बजे से रात 8:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा।

मेडिटेशन और जीवन प्रबंधन पर देंगी मार्गदर्शन

कार्यक्रम के दौरान राजयोग मेडिटेशन, आध्यात्मिक ज्ञान, टाइम एंड स्लीप मैनेजमेंट, आलस्य के दुष्प्रभाव और जीवन के प्रेरणादायक अनुभवों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य लोगों को तनावमुक्त, सकारात्मक और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देना है।

50 वर्षों से ब्रह्माकुमारी संस्थान से जुड़ी हैं

बीके डॉ. हंसा रावल पिछले 50 वर्षों से ब्रह्माकुमारी संस्थान से समर्पित रूप से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने आध्यात्मिक सेवा के साथ-साथ अमेरिका में चिकित्सा और सैन्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सेवाएं दी हैं।

अमेरिकी सेना में निभाई अहम जिम्मेदारी

डॉ. हंसा रावल अमेरिकी सेना में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एमडी) के रूप में कार्य कर चुकी हैं। 26 वर्षों की सक्रिय सैन्य सेवा के बाद वह कर्नल पद से सेवानिवृत्त हुईं।

उन्होंने अमेरिका के प्रमुख सैन्य चिकित्सा संस्थानों में ऑन्कोलॉजी (कैंसर चिकित्सा) एवं पैथोलॉजी विभाग की निदेशक, रेजिडेंसी एवं फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निदेशक और मेडिसिन की प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दी हैं।

हार्वर्ड विश्वविद्यालय से प्राप्त किया प्रशिक्षण

डॉ. हंसा रावल ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय, बोस्टन से रेजिडेंसी एवं फेलोशिप प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने कैंसर के निदान और उपचार में विशेषज्ञता हासिल की तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से आहार एवं पोषण में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की है।

राजयोग मेडिटेशन को उपचार का बनाया हिस्सा

अपने पूरे चिकित्सा जीवन में उन्होंने राजयोग मेडिटेशन और शाकाहारी जीवनशैली को उपचार की पूरक पद्धति के रूप में अपनाया। उन्होंने असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक सहयोग प्रदान करने का व्यापक अनुभव भी हासिल किया है।

पहली बार छत्तीसगढ़ का दौरा

संस्थान के अनुसार डॉ. हंसा रावल का यह पहला छत्तीसगढ़ प्रवास है। उनके स्वागत और विशेष सत्रों को लेकर ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।