रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कृषि विभाग की उपलब्धियों और सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। अब तक 472 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 68 हजार बोरी उर्वरक (फर्टिलाइजर) जब्त किया गया है। इसके अलावा 11 दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं और 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गलत बीज, नकली खाद या अमानक कृषि सामग्री बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
बस्तर में रोजगार और कृषि विकास पर फोकस
रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर अब शांति का क्षेत्र बन चुका है, इसलिए वहां कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्यपालन के जरिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि विभाग के अधिकारियों ने बस्तर का दौरा कर किसानों और हितग्राहियों से चर्चा की है। सरकार की योजना एक ही स्थान पर सभी कृषि विभागों की ट्रेनिंग उपलब्ध कराने की है, जिससे किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
धान की जगह दलहन-तिलहन की खेती पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि धान और केले की खेती में सबसे अधिक पानी की आवश्यकता होती है। कम वर्षा और जल संरक्षण को देखते हुए किसानों को गर्मी के मौसम में धान के बजाय दलहन, तिलहन और सब्जियों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विभाग जैविक खेती, फूलों की खेती और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
जैविक खाद को बढ़ावा देने की तैयारी
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य रासायनिक खाद पर निर्भरता कम करना और जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देना है। साथ ही कम वर्षा की स्थिति में खेती को सफल बनाने के लिए जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाओं पर भी काम किया जा रहा है।
गलत बीज और खाद बेचने वालों को चेतावनी
रामविचार नेताम ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी ने किसानों को गलत हाइब्रिड बीज, अमानक बीज या नकली खाद उपलब्ध कराई, तो उसके खिलाफ विभाग कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने बताया कि पीएम आशा योजना के तहत पहली बार प्रदेश में दलहन और तिलहन की एमएसपी पर खरीदी की गई है, जिससे किसानों को उचित मूल्य मिल रहा है।
प्रदेश में सामान्य से अधिक वर्षा
विभागीय सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेसी ने बताया कि 30 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 543.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों के औसत से अधिक है।
उन्होंने बताया कि खरीफ 2026 में 48.69 लाख हेक्टेयर बोनी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 83 प्रतिशत बोनी पूरी हो चुकी है।
उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता
सचिव ने बताया कि प्रदेश में रासायनिक उर्वरकों का 98 प्रतिशत भंडारण सुनिश्चित किया गया है। खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए 5,466 निरीक्षण किए गए, जिनमें कई मामलों में एफआईआर, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य कार्रवाई की गई।
किसानों को योजनाओं का मिल रहा लाभ
उन्होंने बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम आशा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), प्राकृतिक खेती, फसल बीमा योजना, अक्ती बीज संवर्धन योजना और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से लाखों किसानों को आर्थिक सहायता, बीज, कृषि यंत्र और तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
साथ ही 36 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन किया जा चुका है और कृषि क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।