बांकल और भंवरमरा के बीच शिवनाथ नदी पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में इसका खुलासा हुआ है। लीजधारक की ओर से निर्धारित लीज एरिया से बाहर जाकर लगभग 17 हजार 500 घनमीटर रेत का अवैध उत्खनन किया गया है। वहीं रेत निकासी के लिए नदी के बहाव से छेड़छाड़ भी की गई है। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खनिज के अवैध उत्खनन पर कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते माना जा रहा है कि बांकल मामले में रेत का अवैध उत्खनन करने वालों पर प्रकरण दर्ज होना तय है।
नायब तहसीलदार, जल संसाधन विभाग के एसडीओ और खनिज विभाग के इंस्पेक्टर ने कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के निर्देश पर खनन एरिया की जांच की तो खुलासा हुआ कि यहां पर अवैध रूप से रेत का उत्खनन हो रहा था जबकि लीजधारक की ओर से लीज एरिया में खनन का हवाला देकर अफसरों को ही गुमराह किया जा रहा था। फिलहाल इस मामले में क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल की रिपोर्ट आनी शेष है। बताया गया कि तत्कालीन क्षेत्रीय पर्यावरण संरक्षण मंडल के अफसर का तबादला हो गया है। प्रशासन की ओर से नए अफसर को जांच के लिए पत्र भेजा गया है। इसके बाद पर्यावरण को हुई क्षति की रिपोर्ट भी आएगी।
बांकल के ग्रामीणों ने की थी मामले की शिकायत
बांकल के ग्रामीणों की ओर से अवैध उत्खनन और नदी के बहाव से छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत किए जाने के बाद कलेक्टर सिन्हा ने एसडीएम को जांच कराने के निर्देश दिए। एसडीएम अरूण वर्मा ने तहसीलदार को जांच का जिम्मा सौंपा था पर तहसीलदार इस बीच कोरोना संक्रमित हो गए। इसलिए नायब तहसीलदार के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया गया।
बहाव रोका, अफसरों ने कहा-यह अनुचित
जांच टीम में शामिल अफसरों ने नदी के बहाव से की गई छेड़छाड़ की भी जांच की। जांच रिपोर्ट में अफसरों ने रेत निकालने के लिए नदी पर एल आकार की बनाई गई सड़क पर आपत्ति जताई है और इसे अनुचित बताया है। जांच अफसरों ने मौके पर देखा है कि वाहनों की आवाजाही के लिए नदी के बीचों-बीच रैम्प बनाया गया है। अफसरों का कहना है कि नदी में पानी का भराव होने के बाद भी रेत की निकासी की गई है। इस तरह लीजधारक की ओर से नदी का बहाव रोककर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया है। इसे लेकर अफसरों के साथ ही ग्रामीणों ने भी नाराजगी जताई।
तीन अफसरों ने मौके पर हर एंगल से की जांच
तीनों अफसरों की टीम ने मौके पर जाकर हर एंगल से जांच की। अफसरों की टीम ने पहले चरण में लीज एरिया की जांच की। लीजधारक की ओर से बताए जा रहे एरिया की जांच करने पर अफसरों ने पाया कि यहां नदी में 17 हजार 500 घनमीटर में रेत का अवैध उत्खनन किया गया है। लीजधारक की ओर से प्रशासन को केवल 32 हजार 400 रुपए की रॉयल्टी जमा करने के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हैं। जांच टीम की ओर से इस पर हैरानी जताई गई है। लीजधारक ने प्रशासन को बताया है कि सीमांकन के आधार पर खनन कर रहे थे। हालांकि प्रशासन की रिपोर्ट में अवैध उत्खनन पाया गया है। इधर मामले में सीएम ने कड़ी कार्रवाई करने कहा है।