शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर धरने पर बैठे अतिथि शिक्षक, संविलियन और समान वेतन की मांग पर अड़े

त्वरित खबरें :अमित रिपोर्टिंग

दुर्ग। अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत राज्य अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) सोमवार को शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर धरने पर डटे रहे। दिनभर प्रदर्शन करने के बाद भी जब उनकी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला तो कई अतिथि शिक्षकों ने रात भी सड़क पर ही गुजारी। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

अतिथि शिक्षक लंबे समय से संविलियन, समान कार्य के लिए समान वेतन, सेवा सुरक्षा और नियमितीकरण जैसी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं और वेतन नहीं मिल रहा है।

धरने में बड़ी संख्या में दुर्ग सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अतिथि शिक्षक शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि सरकार जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी सेवाओं का उचित सम्मान नहीं मिला है। इसलिए वे संविलियन, समान वेतन और सेवा सुरक्षा की मांग को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूर हैं। फिलहाल आंदोलन जारी है और शिक्षक शिक्षा मंत्री के बंगले के बाहर डटे हुए हैं।