ललित चंद्राकर से मिले जनप्रतिनिधि, मचांदूर कॉलेज में नए विषय और कर्मचारियों की मांग

त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

मचांदूर। शासकीय महाविद्यालय मचांदूर में आधारभूत सुविधाओं की कमी एवं सीमित विषयों के कारण विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। महाविद्यालय में सफाईकर्मी और रात्रिकालीन चौकीदार के पद स्वीकृत नहीं होने से परिसर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं विज्ञान एवं कला संकाय में विषयों की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अन्य स्थानों का रुख करना पड़ रहा है।

इन समस्याओं को लेकर जनभागीदारी समिति अध्यक्ष प्रवीण कुमार यदु एवं कॉलेज संघर्ष समिति अध्यक्ष सीताराम यादव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने दुर्ग ग्रामीण के विधायक एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त ललित चंद्राकर से मुलाकात कर महाविद्यालय की वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि महाविद्यालय परिसर बड़ा होने के बावजूद साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए कोई स्थायी कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। शासकीय मद में राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण सफाईकर्मी और चौकीदार की नियुक्ति नहीं हो पा रही है, जिससे कक्षाओं, शौचालयों और परिसर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। साथ ही महाविद्यालय में मौजूद फर्नीचर, प्रयोगशाला सामग्री एवं अन्य संसाधनों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

विज्ञान संकाय में वर्तमान में केवल गणित विषय संचालित होने से बायोलॉजी समूह के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को 12वीं के बाद आगे की पढ़ाई के लिए अन्य कॉलेजों में प्रवेश लेना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं के लिए दूरस्थ क्षेत्रों में अध्ययन करना कठिन हो रहा है, जिससे उनकी उच्च शिक्षा प्रभावित हो रही है।

इसी प्रकार कला संकाय में केवल अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र विषय संचालित होने के कारण विद्यार्थियों के पास विषय चयन के सीमित विकल्प हैं। प्रतिनिधिमंडल ने हिंदी साहित्य, इतिहास और भूगोल जैसे विषय शुरू करने की मांग की। जनभागीदारी समिति अध्यक्ष प्रवीण कुमार यदु ने कहा कि हिंदी साहित्य विषय शुरू होने से स्थानीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं और शिक्षक पात्रता परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने विधायक से आगामी शैक्षणिक सत्र से पहले विज्ञान संकाय में बायोलॉजी एवं कला संकाय में हिंदी साहित्य विषय शुरू करने, आवश्यक शिक्षकों की पदस्थापना करने तथा महाविद्यालय में सफाईकर्मी एवं चौकीदार के पद स्वीकृत कर नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ करने की मांग की।

समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद विधायक ललित चंद्राकर ने आश्वासन दिया कि ग्रामीण क्षेत्र के महाविद्यालयों को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सफाई एवं सुरक्षा कर्मियों की व्यवस्था जनभागीदारी निधि अथवा स्थानीय निधि से कराने तथा नए विषयों की स्वीकृति के लिए उच्च शिक्षा विभाग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा, "बेटियों को बायोलॉजी की पढ़ाई के लिए बाहर न जाना पड़े और विद्यार्थियों को हिंदी साहित्य की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो, इसके लिए शासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।"

इस अवसर पर जनभागीदारी समिति अध्यक्ष प्रवीण कुमार यदु, कॉलेज संघर्ष समिति अध्यक्ष सीताराम यादव, नवाब खान, फलेंद्र सिंह राजपूत, सेवा सहकारी समिति मचांदूर के पदाधिकारी, सफीर खान सहित समिति के सदस्य एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।